छत्तीसगढ़ बने देश का प्रमुख पर्यटन गंतव्य, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दें विशेष ध्यान: राजेश अग्रवाल

रायपुर, 09 जुलाई 2026 / छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने तथा प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को नई गति देने के उद्देश्य से आज मंत्रालय में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में दोनों विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, विकास परियोजनाओं, अधोसंरचना निर्माण, प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन को पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, पर्यटन अधोसंरचना विकास, प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार, विभाग की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही संस्कृति विभाग द्वारा संचालित सांस्कृतिक संरक्षण, लोककला एवं लोक कलाकारों के संवर्धन, सांस्कृतिक आयोजनों, पुरातात्विक एवं धरोहर संरक्षण तथा आगामी कार्यक्रमों की जानकारी संस्कृति विभाग के संचालक डॉक्टर संजय कन्नौजे द्वारा दी गई। संस्कृति विभाग की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
प्रस्तुतीकरण के उपरांत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दोनों विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गति, गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को नई दिशा मिल सके।
श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था केंद्रों और जनजातीय परंपराओं से समृद्ध राज्य है। इन सभी विशेषताओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों के साथ-साथ प्रदेश की लोककलाओं, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक धरोहरों को भी व्यापक पहचान दिलाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं।
उन्होंने पर्यटकों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, पर्यटन अधोसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा नए पर्यटन स्थलों के योजनाबद्ध विकास पर विशेष जोर दिया। साथ ही संस्कृति विभाग को निर्देशित किया कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पारंपरिक कला रूपों के संवर्धन, संग्रहालयों, सांस्कृतिक संस्थानों तथा सांस्कृतिक आयोजनों को और अधिक प्रभावी एवं जनभागीदारी आधारित बनाया जाए, जिससे नई पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी कार्यों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को पर्यटन एवं संस्कृति के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जा सकता है।
बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की अवर सचिव श्रीमती रुचि शर्मा, पर्यटन मंडल की उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा सहित पर्यटन एवं संस्कृति विभाग तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है

यह भी पढ़ें

[democracy id="1"]
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  

टॉप स्टोरीज