“सरकारी भवन बना पेंगोलिन का ‘सेफ हाउस’, रेंजर सागर की दस्तक से तस्करों का खेल हुआ खत्म!”
रेंजर सुशील कुमार सागर की सक्रियता से वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
गरियाबंद/मैनपुर :ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के खरियार वन क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए गए संयुक्त अभियान में वन विभाग की टीम ने एक जिंदा पेंगोलिन को तस्करों के कब्जे से सुरक्षित बरामद किया। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
यह कार्रवाई उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, गरियाबंद (छत्तीसगढ़) और खरियार वन मंडल, ओडिशा की संयुक्त टीम द्वारा की गई। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने पालम गांव में दबिश दी, जहां एक सरकारी भवन को पेंगोलिन छिपाने के लिए कथित तौर पर सेफ हाउस की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था।
रेंजर सुशील कुमार सागर की अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में परिक्षेत्र अधिकारी इन्दागांव श्री सुशील कुमार सागर सहित एंटी-पोचिंग टीम, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, सिनापाली एवं खरियार परिक्षेत्र के अधिकारियों-कर्मचारियों और सुरक्षा श्रमिकों का विशेष योगदान रहा।
रेंजर सुशील कुमार सागर की सक्रियता, वन्यजीव संरक्षण के प्रति सजगता और टीम के साथ बेहतर समन्वय को इस सफल रेस्क्यू अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। कठिन परिस्थितियों में टीम को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाते हुए पेंगोलिन को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित निकालना वन विभाग की कार्यकुशलता को दर्शाता है।
7 किलो का जिंदा पेंगोलिन बरामद
संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान लगभग 7 किलोग्राम वजन का एक जिंदा पेंगोलिन बरामद किया। पेंगोलिन को खरियार रोड स्थित पशु चिकित्सक की देखरेख में रखा गया है। वहीं मामले में मुख्य शिकारी एवं कुछ बिचौलियों के फरार होने की जानकारी सामने आई है, जिनकी तलाश जारी है।
तीन आरोपी गिरफ्तार
वन विभाग की कार्रवाई में रोशन ठाकुर, बालकृष्ण हाती और सोनू हाती को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है
वन विभाग की इस कार्रवाई से वन्यजीव तस्करों में हड़कंप है। वहीं रेंजर सुशील कुमार सागर और पूरी टीम की तत्परता एवं समर्पण की सराहना की जा रही है।






