ओपीडी सेवाओं का पूर्ण बहिष्कार, मरीज परेशान

जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा – छत्तीसगढ़ रूरल मेडिकल कोर (CRMC) की लंबित प्रोत्साहन राशि के भुगतान और योजना को बंद किए जाने के विरोध में सोमवार से सुकमा जिले सहित पूरे बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में संपूर्ण ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया जा रहा है।
सुकमा में पहले ही दिन बिगड़े हालात
ओपीडी बहिष्कार के पहले ही दिन सुकमा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई मरीज सुदूर ग्रामीण अंचलों से लंबी दूरी तय कर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन ओपीडी बंद होने के कारण उन्हें बिना इलाज के लौटना पड़ा।
क्या है CRMC (नक्सल/दुर्गम क्षेत्र प्रोत्साहन राशि) योजना
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अप्रैल 2009 में CRMC योजना की शुरुआत दुर्गम एवं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकीय स्टाफ की कमी को दूर करने के उद्देश्य से की गई थी।
इस योजना के अंतर्गत दुर्गम क्षेत्रों में सेवा देने वाले—
चिकित्सा अधिकारी
ग्रामीण चिकित्सा सहायक
स्टाफ नर्स
एएनएम
को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाती थी, ताकि वे कठिन परिस्थितियों में भी लगातार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा सकें।
स्वास्थ्य कर्मचारियों के गंभीर आरोप
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले लगभग एक वर्ष से CRMC की प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है। वहीं अब शासन स्तर पर इस योजना को बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपे, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के चलते पहले 5 से 12 दिसंबर तक दूसरे प्रहर की ओपीडी सेवाएं बंद की गई थीं। जब कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो 15 दिसंबर से बस्तर संभाग के सभी जिलों में संपूर्ण ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया गया।
आपातकालीन सेवाएं रहेंगी जारी
स्वास्थ्य कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान—
आपातकालीन सेवाएं
प्रसव सेवाएं
पूरी तरह 24×7 जारी रहेंगी। कहीं भी धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा रहा है। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से केवल ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार के रूप में किया जा रहा है।
कर्मचारियों की शासन से अपील
सुकमा जिले के चिकित्सा अधिकारी, ग्रामीण चिकित्सा सहायक, स्टाफ नर्स एवं एएनएम ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि—
लंबित CRMC प्रोत्साहन राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए
इस महत्वपूर्ण योजना को बंद न किया जाए
कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाता है, तो वे दुगुने उत्साह और समर्पण के साथ जिले में स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए तत्पर रहेंगे।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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