आत्मसमर्पित नक्सलियों के जीवन में नई शुरुआत, 30 युवाओं का राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रारंभ

जिला प्रमुख नवीन दांदडें 

सुकमा – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में सुकमा जिला प्रशासन द्वारा लगातार संवेदनशील एवं सशक्त पहल की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में एसबीआई–आरसेटी (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया–ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) के माध्यम से 30 आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए राजमिस्त्री (मेसन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

यह पहल केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति और विकास की राह चुनने वाले युवाओं के लिए नई आशा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संकल्प है। कार्यक्रम का उद्देश्य आत्मसमर्पित युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है, जिससे जिले में शांति, पुनर्वास एवं सामाजिक पुनर्स्थापन को मजबूती मिल सके।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आवास निर्माण की आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य, भवन संरचना, सामग्री प्रबंधन, लागत नियंत्रण एवं कार्यस्थल सुरक्षा से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। यह प्रशिक्षण प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत जिले में कुशल निर्माण श्रमिकों की आवश्यकता की पूर्ति में भी सहायक सिद्ध होगा।

प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे शासकीय योजनाओं के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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