कभी माओवादी हिंसा का गढ़ रहा इलाका, आज तिरंगे की शान में उमड़ा जनसैलाब; गृह मंत्री विजय शर्मा ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। कभी माओवादी हिंसा और दहशत के लिए पहचाने जाने वाले दक्षिण बस्तर के इलाकों में अब तिरंगे की शान, राष्ट्रभक्ति और लोकतंत्र का संदेश गूंज रहा है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में एर्राबोर से शुरू हुई तिरंगा यात्रा ने बदलते बस्तर की एक नई तस्वीर पेश की।
गुरुवार को एर्राबोर से शुरू हुई तिरंगा यात्रा उन क्षेत्रों से होकर गुजरी, जिन्हें कभी माओवाद का मजबूत गढ़ माना जाता था। गृह मंत्री विजय शर्मा और सांसद महेश कश्यप एर्राबोर से बाइक पर सवार होकर तिरंगा यात्रा में शामिल हुए, जबकि वन मंत्री केदार कश्यप ने चिंतागुफा से बाइक के जरिए यात्रा की कमान संभाली। दोनों दिशाओं से निकली यात्राएं दोरनापाल में एकजुट हुईं।
दोरनापाल में हुआ भव्य मिलन
दोरनापाल पहुंचने पर तिरंगा यात्रा का उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में बच्चे हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर सड़क के दोनों ओर कतारबद्ध नजर आए। करीब
100 मीटर लंबा तिरंगा लेकर बच्चों ने यात्रा का स्वागत किया। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से पूरा क्षेत्र राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया।
इसके बाद यात्रा ताड़मेटला, बुरकापाल और जगरगुंडा होते हुए सिलगर-टेकलगुड़ा पहुंची, जहां तिरंगा यात्रा का समापन हुआ।
शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
एर्राबोर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा ने माओवादी हिंसा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब हिंसा पर
लोकतंत्र की जीत हुई है। हर घर, पंचायत और संस्थान पर तिरंगा लहराना बस्तर के आत्मसम्मान और बदलते माहौल की पहचान बनना चाहिए।
2006 की भयावह यादों से आज के बदले बस्तर तक
एर्राबोर का नाम बस्तर की माओवादी हिंसा के दर्दनाक इतिहास से भी जुड़ा रहा है। 16-17 जुलाई 2006 की घटनाओं में यह क्षेत्र हिंसा की चपेट में आया था और ग्रामीणों के सामान्य जीवन पर भी इसका गहरा असर पड़ा था। उस दौर में राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराना तक कई इलाकों में जोखिम भरा माना जाता था।
लेकिन आज उसी एर्राबोर से तिरंगा यात्रा का निकलना अपने आप में बदलाव का बड़ा संदेश है। जिस क्षेत्र में कभी भय का माहौल था, वहीं आज बच्चे हाथों में तिरंगा
लेकर यात्रा का स्वागत कर रहे हैं। सड़कों पर उमड़ा उत्साह और राष्ट्रभक्ति का वातावरण बदलते बस्तर की कहानी बयां कर रहा है। यह बस्तर में बड़े बदलाव की तस्वीर” — विजय शर्मा
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एर्राबोर से तिरंगा यात्रा का निकलना केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर में आए परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि हिंसा के लंबे दौर को पीछे छोड़कर बस्तर अब शांति, विकास और लोकतंत्र की राह पर आगे बढ़ रहा है।
एर्राबोर से सिलगर-टेकलगुड़ा तक निकली यह तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति के साथ-साथ उस बदलाव का संदेश भी देती नजर आई, जिसमें कभी भय और हिंसा के लिए पहचाने जाने वाले इलाकों में आज तिरंगा गर्व से लहराता दिखाई दे रहा है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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