सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर ओबीसी महासभा द्वारा ग्राम डंगनिया, रायपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ओबीसी महासभा के संभाग अध्यक्ष रायपुर हेमंत साहू के नेतृत्व में तथा प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी महासभा छत्तीसगढ़ राधेश्याम साहू के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ मार्गदर्शक शगुन वर्मा ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में विभिन्न समाज के महिला-पुरुषों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समाज के वरिष्ठजन लेखराम साहू सहित ग्राम डंगनिया के ग्राम प्रमुख भी उपस्थित रहे। ओबीसी महासभा की जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी किशोर कुमार सोनी, रविशंकर साहू तथा महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष बर्खा गुप्ता की भी उपस्थिति रही।
वक्ताओं ने सावित्रीबाई फुले के जीवन और उनके द्वारा महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में किए गए संघर्षपूर्ण कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने यह सिखाया कि शिक्षा भीख नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त हथियार है। कार्यक्रम में “ज्ञान गुलामी तोड़ता है और संगठित ज्ञान सत्ता बदलता है” जैसे विचारों के माध्यम से शिक्षा की शक्ति को रेखांकित किया गया।
सावित्रीबाई फुले के जीवन पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने उन्हें ज्ञान की जननी और बहुजन मुक्ति की मार्गदर्शक बताया तथा उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के तामेश्वर साहू, विजय साहू, मनोकांत पटेल, राकेश यादव, रविशंकर साहू सहित ओबीसी महासभा के कर्मठ साथी प्रशांत यादव, विजय देवांगन तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।



