जगदलपुर। बस्तर जिले में वर्तमान सीजन के दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण और खरीदी का कार्य पूरी तेजी के साथ संचालित किया जा रहा है, जहाँ जिला लघु वनोपज यूनियन ने अब तक निर्धारित लक्ष्य की तुलना में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। इस वर्ष के लिए कुल 21,800 मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध विभाग अब तक 10,704.716 मानक बोरा की खरीदी संपन्न कर चुका है। संग्रहण की इस व्यापक प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए जिले भर में 241 फड़ों और 15 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों को सक्रिय किया गया है, जो सीधे तौर पर ग्रामीणों और संग्राहकों से जुड़कर कार्य कर रही हैं। खरीदी की प्रक्रिया के साथ-साथ विभाग द्वारा संग्रहित पत्तों के प्रसंस्करण और सुरक्षित भंडारण का कार्य भी निरंतर प्रगति पर है, ताकि उपज की गुणवत्ता बनी रहे। वहीं दूसरी ओर,संग्राहकों की आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके पारिश्रमिक का ऑनलाइन भुगतान भी तेजी से किया जा रहा है।वनमंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिले में तेंदूपत्ता खरीदी का कार्य अभी बंद नहीं हुआ है। विभाग का यह प्रयास है कि संग्राहकों के हितों का पूर्ण ध्यान रखा जाए, इसीलिए यदि फड़ों पर अच्छी गुणवत्ता और मानक स्तर के तेंदूपत्ते लाए जाते हैं, तो उनकी खरीदी नियमानुसार सतत जारी रहेगी। प्रशासन ने क्षेत्र के सभी संग्राहकों से यह विशेष अपील की है कि वे वनों से केवल उच्च गुणवत्ता वाले पत्तों का ही चयन करें और उन्हें निर्धारित फड़ों पर विक्रय हेतु लेकर आएं। विभाग का लक्ष्य है कि पारदर्शी प्रक्रिया और बेहतर तालमेल के माध्यम से इस वर्ष के संग्रहण लक्ष्य को समय रहते गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा सके, जिससे वनांचल में रहने वाले परिवारों को उनका उचित लाभ मिल सके।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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