जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही यह विद्युत ठेकदारों से मिलीभगत

जान जोखिम में डाल खंभे पर चढ़ रहे विद्युत ठेकाकर्मी

बिना सुरक्षा उपकरणों के खंभों में खींच रहे तार

जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही यह विद्युत ठेकदारों से मिलीभगत

राजधानी से जनता तक। रायगढ़ / विद्युत विभाग के ठेकेदार सुरक्षा नियमों को किस कदर नजर अंदाज कर काम कराया जा रहा है इसका उदाहरण रायगढ़ के पटेलपाली के सब्जी मंडी के पास देखने को मिला

जहां विद्युत ठेकेदार मोनू राठौर के द्वारा मजदूरों के जान से खिलवाड़ कर बिना सुरक्षा उपकरणों के विद्युत खंभों में तार खींचने का काम कराया जा रहा था पटेलपाली सब्जी मंडी के बगल में नेशनल हाइवे के किनारे विद्युत खंभों पर लाइन खींचने का काम किया जा रहा था । जहां उक्त खंभों में वायरिंग का काम ठेकेदार मोनू राठौर के द्वारा कराया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को दोपहर लगभग तीन बजे मजदूरों द्वारा खंभों में चढ़कर तार खींचने का कार्य किया जा रहा है। धूप और ऊपर से 30-40 फीट खंभे की ऊंचाई पर काम कर रहे मजदूरों के पास न तो किसी प्रकार का सेफ्टी बेल्ट था, न हाथों में ग्लब्स थे। मजदूरों ने बताया की परिवार पालने के लिए जान हथेली पर लेकर खतरों से खेलते हैं। विद्युत खंभों में सुधार कार्य के लिए हर दिन कर्मचारी जान जोखिम में डाल रहे हैं कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए न ही विद्युत वितरण कंपनी के ठेकेदार सजग हैं। लिहाजा सुरक्षा संसाधनों के अभाव में कर्मचारियों को काम करने की मजबूरी हैँ

विद्युत विभाग के ठेकेदार किस तरह मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है, इसका अंदाजा इस तस्वीर को देखकर लगा सकते हैं। काम में लगे कर्मचारियों व मजदूरों की सुरक्षा की खुलकर अनदेखी की जा रही है। लापरवाही भी इस कदर कि इनकी जिंदगी एक खेल बन गई है। हल्की सी चूक और मजदूर की जान जा सकती है। इन्हें बिजली रोधी ग्लब्स, सेफ्टी बेल्ट, जूते, पीवीसी टोपी आदि सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से दिए जाने चाहिए। पोल लगाने और लाइन शिफ्टिंग का कार्य इन दिनों कराया जा रहा है। कार्य कर रहे मजदूरों को न सेफ्टी बेल्ट दिए जाते हैं, न ग्लब्स और न ही अन्य सुरक्षा उपकरण। खुले हाथों से रस्सी के सहारे पोल पर चढ़े मजदूर तार को बांधते हैं। पोल पर चढ़े मजदूर जमीन से करीब 40 फीट ऊपर बिना सहारे के काम कर रहे हैं।पर इन्हें देखने वाला कोई भी अधिकारी इन पर नजर नही रख रहा है। इस बीच यदि ये मजदूर नीचे गिर जाएं, तो क्या होगा, इसका सहज अंदाजा लगा सकते हैं

लेबर को नहीं है पोल पर चढ़ने का अधिकार

बिजली नियमानुसार ठेकेदार के लेबर को बिजली के पोल पर चढ़ने का अधिकार नहीं है। चाहे लाइन बंद हो या चालू। उसे केवल लाइनमैन के सहयोगी के रूप में रखा जाता है। इसके बावजूद कई बार थोड़े लालच या फिर लाइनमैन से संबंध के चलते लेबर लाइन सुधार कार्य के लिए पोल पर चढ़ जाते हैं।

क्या कहते हैँ विधुत ठेकेदार मोनू राठौर

जब हमने ठेकेदार मोनू राठौर से दूरभास के माध्यम से जानकारी लेनी चाहिए तो ठेकेदार मोनू राठौर का कहना है आपको जो छापना हैँ छाप दो इतना कह कर उन्होंने फोन काट दिया

इसी कड़ी मे आज़ विद्युत ठेकेदार के लापरवाही के कारण बरमकेला ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खापरा पाली विद्युत कार्य चल रहा था जिसमें एक मजदूर की जान चली गई मजदूर का नाम किशोर सिदार पिता शौकीलाल सिदार पता ग्राम पंचायत गोबर सिंघा यह घटना आज लगभग 4:00 बजे की है

विभाग ओर से ठेकेदार को बचाने सत्ता हावी ,आखिर इस सरकार मे मौत पर भी सौदा,ठेकेदार के खिलाफ गैर ईरादतन की धारा लगनी चाहिए पर शायद ऐसा होगा नही

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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