नक्सलवाद के खात्मे के बाद बदली सुकमा की तस्वीर: अब गांव से शहर तक आसान सफर

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना बनी ग्रामीणों के लिए वरदान

जिला प्रमुख नवीन दांदडें

सुकमा। कभी नक्सल आतंक और दुर्गम रास्तों के कारण जिन गांवों के लोग अपने ही क्षेत्र में सीमित रहने को मजबूर थे, आज वही ग्रामीण अब निर्भय होकर शहरों तक पहुंच रहे हैं। नक्सलवाद के खात्मे के बाद सुकमा जिले के दूरस्थ इलाकों में विकास की नई किरण पहुंची है। इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना, जिसने वनांचल क्षेत्रों की जिंदगी को नई दिशा दी है।


कोंटा विकासखंड के लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम जैसे दूरस्थ गांवों के लिए अब दोरनापाल तक पहुंचना पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। जहां पहले लोगों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी, वहीं अब बस सेवा ने उनकी इस कठिनाई को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
पैदल संघर्ष से मिली मुक्ति
ग्राम लखापाल के निवासी कूड़ाम जोगा बताते हैं कि पहले बस पकड़ने के लिए चिंतलनार तक 8-10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। कई बार बस छूट जाने से पूरा दिन बेकार चला जाता था। अब दोरनापाल-नागाराम मार्ग पर नियमित बस सेवा शुरू होने से उनकी दिनचर्या आसान हो गई है।
समय की बचत, सुरक्षित सफर
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत चल रही बसें अब पोलमपल्ली, कांकेरलंका, चिंतागुफा, चिंतलनार, लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम जैसे गांवों के पास से गुजर रही हैं। इससे ग्रामीण आसानी से अपने दैनिक कार्यों के लिए दोरनापाल पहुंचते हैं और उसी दिन सुरक्षित घर लौट आते हैं। यह सुविधा महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और मजदूरों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रही है।
डर से बाहर निकलकर विकास की ओर
पहले नक्सलियों के भय से गांव से बाहर निकलना भी जोखिम भरा था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। सुरक्षा और स्थिरता लौटने के बाद ग्रामीण रोजगार, शिक्षा, इलाज और व्यापार के लिए शहरों की ओर बढ़ रहे हैं। बस सेवा ने न केवल आवाजाही आसान की है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति दी है।
ग्रामीणों ने जताया आभार
इरकमपल्ली के मोहनरंजन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह योजना दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है।
प्रशासन की सक्रिय पहल
कलेक्टर अमित कुमार के अनुसार, नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में योजना के तहत 10 बसों का संचालन किया जा रहा है, जबकि 5 हक्कुम मेल बसें भी लगातार सेवाएं दे रही हैं। बस संचालकों को शासन द्वारा सब्सिडी और तीन वर्षों तक रोड टैक्स में छूट प्रदान की गई है, जिससे योजना का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो रहा है।
विकास की नई पहचान
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अब केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि सुकमा जिले के लिए विश्वास, सुरक्षा और विकास का प्रतीक बन चुकी है। नक्सलवाद के अंधकार से निकलकर अब यह क्षेत्र तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है—जहां हर गांव, हर व्यक्ति एक नए भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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