जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के ‘सुशासन’ और ‘अंत्योदय’ के संकल्प को साकार करते हुए सुकमा जिले के दूरस्थ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार निरंतर जारी है। इसी कड़ी में, कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन एवं सीएमएचओ डॉ. आर.के. सिंह के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के 14 मोतियाबिंद मरीजों का सफल उपचार कराकर उनके जीवन में नई रोशनी लाई गई है।
अंदरूनी गांवों से मेडिकल कॉलेज तक का सफर
शासन की महत्वाकांक्षी ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से कोंटा विकासखंड में स्थित दूरस्थ गांव मुकर्रम, पटेलपारा, सरपंचपारा और किस्टाराम जैसे पहुंचविहीन क्षेत्रों के मरीजों की पहचान की गई थी। इन चिन्हित 14 मरीजों को जिला प्रशासन द्वारा विशेष वाहन की व्यवस्था कर बेहतर उपचार हेतु जगदलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहाँ उनका सफल ऑपरेशन संपन्न हुआ।
विशेष निगरानी में रखा जाएगा मरीजों को
ऑपरेशन के पश्चात सभी मरीजों को आई असिस्टेंट की देखरेख में जगरगुंडा और किस्टाराम से सुरक्षित जिला अस्पताल सुकमा लाया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, मरीजों की रिकवरी और बेहतर फॉलो-अप के लिए उन्हें अगले 4 दिनों तक जिला अस्पताल में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा जाएगा। इस दौरान मरीजों के ठहरने और भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था जिला प्रशासन के द्वारा की गई है।
अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही विकास की किरण
जिला प्रशासन का यह प्रयास दर्शाता है कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से अब शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सुदूर वनांचलों के अंतिम व्यक्ति तक सीधे पहुँच रही हैं। स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने वाले मरीजों ने इस संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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