जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। जिले के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार नवाचार कर रहा है। इसी कड़ी में कोंटा विकासखंड के ग्राम निलावाया में पशुधन विकास विभाग द्वारा 26 यूनिट कुक्कुट (बटेर) चूजों का वितरण किया गया। यह पहल ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर सृजित करने के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जिला कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन और मार्गदर्शन में तथा पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. संदीप इंदुरकर के प्रयासों से यह योजना सफलतापूर्वक धरातल पर उतारी गई। प्रशासन का उद्देश्य है कि शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बटेर पालन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है। इसमें कम समय में उत्पादन शुरू हो जाता है और ग्रामीण परिवारों को नियमित आय का स्रोत मिलता है। इस योजना के माध्यम से लाभान्वित परिवारों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
जिला प्रशासन द्वारा नियद क्षेत्रों में लगातार हितग्राही मूलक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों को आजीविका के नए साधन उपलब्ध हो रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि ऐसे प्रयासों से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा और क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक विकास भी तेजी से होगा।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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