काठमांडू। नेपाल के संसदीय चुनाव में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने 165 में से 125 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं शेर बहादुर देउबा की नेपाली कांग्रेस को 17, केपी शर्मा ओली की सीपीएन-यूएमएल को 8 और पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ की पार्टी को 7 सीटें मिली हैं।
चुनाव में युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। 40 साल से कम उम्र के 59 सांसद (करीब 38%) इस बार संसद पहुंचे हैं, जबकि 2022 में ऐसे सांसदों की संख्या सिर्फ 30 थी। इनमें से 51 सांसद आरएसपी के हैं। महिला प्रतिनिधित्व भी बढ़ा है—इस बार 14 महिलाएं चुनाव जीतकर संसद पहुंची हैं, जबकि 2022 में यह संख्या 9 थी।
आनुपातिक प्रतिनिधित्व (पीआर) प्रणाली की मतगणना अभी जारी है। रुझानों के अनुसार आरएसपी को लगभग 50 और सीटें मिल सकती हैं, जिससे 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में उसकी कुल सीटें करीब 175 तक पहुंच सकती हैं।
इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरएसपी के नेताओं रबी लामिछाने और बालेन शाह से फोन पर बात कर चुनावी जीत की बधाई दी और भारत-नेपाल संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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