महिला व बाल विकास विभाग में हुआ जमकर भ्रष्टाचार

महिला समूहों को करोड़ों का कर्ज़ वसूली जीरो

समूहों को कर्ज देकर क्या काम करवाया पता नहीं?

राजधानी से जनता तक । रायगढ़ । सरकारी विभागों में लोन लेकर नहीं चुकाने पर भी कोई सवाल नहीं उठते क्योंकि भ्रष्टाचार की जड़ें बेहद गहरी हो चुकी हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग भी इनमें से एक है। महिला समूहों को दिए गए ऋण की तुलना में वसूली जीरो है। रायगढ़ जिले में दो हजार समूहों को करीब आठ करोड़ रुपए लोन दिए गए थे। विधानसभा में कई ऐसे मामलों पर सवाल उठाए जा रहे हैं जिन पर विभागों ने पर्दा डाल दिया था। महिला एवं बाल विकास विभाग में ऐसे ही एक मामले पर सवाल हुआ तो पांच सालों से बांटे जा रहे लोन का खुलासा हुआ। प्रश्न पूछा गया था कि कितने महिला स्व सहायता समूहों को कितना कर्ज दिया गया है।

2018-2023 के बीच की अवधि की जानकारी मांगी गई थी। इसमें जो आंकड़े सामने आए हैं, वह बहुत हैरान करने वाले हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश में 30296 समूहों को करीब 109.31 करोड़ रुपए कर्ज दिया गया है। इसमें से 11 करोड़ का ऋण माफ कर दिया गया। शेष लंबित है। रायगढ़ जिले में 2043 महिला समूहों को 7.92 करोड़ रुपए का लोन दिया गया था। इसमें से मात्र 32.60 लाख रुपए ही माफ किए गए हैं। बाकी राशि बकाया है जिसकी वसूली नहीं हो रही है। 234 समूहों का ऋण माफ किया गया है। यह बेहद चिंताजनक है क्योंकि इस लोन का कोई ठोस आउटपुट नहीं मिल रहा है। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए दिया गया ऋण किसी दूसरे काम में लगाया जा रहा है।

समूहों को एक से ज्यादा बार ऋण
आंकड़े भी कंन्फ्यूजन वाले हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के मुताबिक जिले में कार्यरत समूहों की संख्या 2043 है। लेकिन छग महिला कोष से ऋण लेने वाले समूहों की संख्या 3095 है। मतलब कई समूहों ने एक से अधिक बार ऋण लिया है। कर्ज की रिकवरी भी नहीं हुई पूरी रकम व्यर्थ चली गई। समूहों को आय होती तो बकाया ऋण चुकाया गया होता। दरअसल कई महिला समूहों में राशि का दुरुपयोग हो रहा है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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