जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। ग्रामीणों को अधिक रोजगार और मजबूत आजीविका उपलब्ध कराने की दिशा में सुकमा जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) ग्राम योजना” का भव्य शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी के साथ प्रति दिवस 300 रुपये मजदूरी प्रदान की जाएगी।
जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित शुभारंभ सह सम्मेलन कार्यक्रम कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। सभी ने योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंगम्मा सोयम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुमार कुंजाम, जिला पंचायत सदस्य कोरसा सन्नू, जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने बताया कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार के साथ स्थायी आजीविका से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दी जाएगी। साथ ही कौशल विकास, वित्तीय सहायता और स्वरोजगार आधारित गतिविधियों के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने डिजिटल माध्यम से देखा। संबोधन में विकसित भारत के निर्माण में ग्रामीण भारत की भूमिका, रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया।
जिला प्रशासन ने विश्वास जताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सुकमा के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
— पोर्टल न्यूज़ डेस्क, सुकमा125 दिन रोजगार, 300 रुपये रोज़ाना मजदूरी: सुकमा में ग्रामीणों के लिए नई सौगात, विकसित भारत ग्राम योजना का शुभारंभ
सुकमा। ग्रामीणों को अधिक रोजगार और मजबूत आजीविका उपलब्ध कराने की दिशा में सुकमा जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) ग्राम योजना” का भव्य शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी के साथ प्रति दिवस 300 रुपये मजदूरी प्रदान की जाएगी।
जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित शुभारंभ सह सम्मेलन कार्यक्रम कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। सभी ने योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंगम्मा सोयम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुमार कुंजाम, जिला पंचायत सदस्य कोरसा सन्नू, जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने बताया कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार के साथ स्थायी आजीविका से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दी जाएगी। साथ ही कौशल विकास, वित्तीय सहायता और स्वरोजगार आधारित गतिविधियों के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने डिजिटल माध्यम से देखा। संबोधन में विकसित भारत के निर्माण में ग्रामीण भारत की भूमिका, रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया।
जिला प्रशासन ने विश्वास जताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सुकमा के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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