धान खरीद पर सियासी वाकयुद्ध, रवनीत बिट्टू और मलविंदर कंग हुए आमने सामने, पिस रहे किसान

चंडीगढ़। पंजाब में एक तरफ जहां किसान मंडियों में अपनी फसल के लिए धक्के खा रहे है तो वहीं दूसरी तरफ धान की खरीद को लेकर खूब राजनीति हो रही है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने सीएम मान से सवाल पूछा है कि केंद्र ने दो महीने पहले धान खरीद के लिए भेजे थे 44 हजार करोड़ रुपये फिर खरीद क्यूँ नहीं कर रहे? वहीं रवनीत बिट्टू के बयान पर आम आदमी पार्टी (आप) ने पलटवार किया है। आप सांसद मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि बिट्टू सरासर झूठ बोल रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान जिम्मेवारः बिट्टू

रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार जानबूझ कर किसानों को परेशान कर रहे हैं ताकि मोदी सरकार को दोषी ठहराया जा सके। उन्होंने कहा कि पूरे देश में धान की खरीद हो रही है, लेकिन पंजाब में नहीं। केंद्र सरकार ने दो महीने पहले ही राज्य सरकार को धान खरीद के लिए 44 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी थी, जबकि अब तक केवल 5000 करोड़ रुपये की खरीद हुई है। इस कारण प्रदेश के हजारों किसान मंडियों में डेरा डाले हुए हैं और उनके परिवार त्योहार के लिए खरीदारी का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने राघव चड्ढा और अरविंद केजरीवाल की सलाह पर किसानों को हाइब्रिड बीज दिए, जिससे प्रति क्विंटल धान से केवल 62 किलो और उससे भी कम चावल निकल रहा है, जबकि इससे पहले हर साल 67 किलो चावल निकल रहा। ऐसे में इस अंतर को कैसे पूरा किया जाएगा, यह शेलर मालिकों को लिए एक बड़ी समस्या है। इसी वजह से शेलर मालिक धान की खरीद के नहीं कर रहे हैं। बिट्टू का आरोप है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल जो मोदी से नफरत करते हैं की सलाह पर चलते हुए पंजाब के किसानों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं।

रवनीत बिट्टू झूठ बोल रहे : मलविंदर कंग

भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू के बयान पर आम आदमी पार्टी (आप) ने पलटवार किया है। आप सांसद मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि बिट्टू सरासर झूठ बोल रहे हैं। बीज का कोई मुद्दा ही नहीं है। अगर बीज में कोई दिक्कत होती तो केन्द्र सरकार धान की फसल खरीदने के लिए सीसीएल लिमिट कैसे जारी कर दी? अगर बीज का मसला होता तो केंद्र सरकार पैसे जारी ही नहीं करती। ऐसा सिर्फ भ्रम फैलाने के लिए बोला जा रहा है। कंग ने कहा कि पीआर-126 को पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (पीएयू) ने सभी संबंधित संस्थानों से सहमति लेकर बनाई है। कंग ने कहा कि रवनीत बिट्टू की नकली और महंगा बीज वाली बात भी पूरी तरह झूठी है। कहीं भी महंगा बीज नहीं बेचा गया। सभी मान्यता प्राप्त बीज दुकानों पर तय की गई कीमत 56 रूपये प्रति किलो के हिसाब से ही बीज की बिक्री हुई है। अगर रवनीत बिट्टू को 3500 रू में बीज बिकने की खबर मिली तो जून-जुलाई में इस मामले को क्यों नहीं उठाया? अब जब केन्द्र सरकार एक्सपोज हो गई है और बुरी तरह फंस चुकी है तो उन्हें अचानक महंगी और नकली बीज याद आ गया। कंग ने कहा कि केंद्र सरकार और भाजपा का पंजाब के किसानों- आढ़तियों और शेलर मालिकों को परेशान करने का बहाना है। भाजपा पंजाब के किसानों को तबाह करना चाहती है। वह किसान आंदोलन का बदला ले रही है। भाजपा पंजाब के किसानों से नफरत करती है। धीमी लिफ्टिंग पर कंग ने कहा कि केन्द्र सरकार दावा कर रही है कि उसने अक्टूबर में 15 लाख मिट्रिक टन अनाज की लिफ्टिंग की है, तो फिर उसने जनवरी से ऐसा क्यों नहीं किया?

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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