क्या नगर पंचायत जरही के निर्दलीय अध्यक्ष पद के प्रत्याशी इस बार चुनाव जीत सकते हैं ?

चुनावी हलचल : निर्दलीय प्रत्याशी ने बिगाड़ा कमल और पंजा का राजनीतिक समीकरण – नगर पंचायत जरही।

नगरीय निकाय चुनाव में क्या इस बार वोटर साइलेंट वोट कर राजनीतिक पार्टियों को चौंकाएगा ?

मोहन प्रताप सिंह

दैनिक राजधानी से जनता तक. सूरजपुर/जरही:– जिले के नगर पंचायत जरही में गत 05 पंचवर्षीय कांग्रेस ने परचम लहराया था तो उसके 05 साल पहले भाजपा ने परचम लहराया था, भाजपा और कांग्रेस ने बारी से अपना किस्मत आजमाते रहे है। दोनों पार्टी के उम्मीदवारों ने जो जो अपने कार्यकाल में कार्य किया है जिसे नगर पंचायत जरही के जनता ने बखूबी देखा है जहा भाजपा ने वर्तमान नगरीय निकाय चुनाव में पूर्व अध्यक्ष पति पुरन राजवाड़े पर विश्वास जताया है कांग्रेस ने इस बार युवा प्रत्याशी प्रेम राजवाड़े पर दाव खेला है लेकिन जनता-जनार्दन या मतदाता इस बार नगर पंचायत जरही के चुनाव में कहीं न कहीं अपना मन परिवर्तन करने के पक्ष में मन बना लिया हैं। यह भी देखा जा रहा हैं कि कुछ तय सुदा लोग खुलकर भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ भी काम कर रहे हैं ऐसी स्थिति में निर्दलीय उम्मीदवार नगर पंचायत जरही में बाजी मार ले तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी जहां भाजपा पुरन राजवाड़े, कांग्रेस प्रेम राजवाड़े पर विश्वास जताते हुए अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के लिए टिकट दिया है तो वहीं भाजपा से टिकट न मिलने से नाराज कार्यवाहक अध्यक्ष विमला राजवाड़े और कांग्रेस से टिकट न मिलने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अभय विश्वकर्मा एक अन्य भाजपा से ही बगावत करते हुए भगवती प्रताप चंद्रा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया है जहां वो 05वो प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के प्रति अभी से आश्वस्त दिख रहे।

नगर पंचायत जरही – किसकी जीत किसकी हार

नगर पंचायत जरही में इस बार नगरीय चुनाव में किसकी जीत होगी किसकी हार यह तो 15 फरवरी को पता चलेगा लेकिन उस बीच सभी पार्षद व अध्यक्ष प्रत्याशी इस चुनाव में जनता के बीच अपने-अपने प्रचार में लगे हुए हैं। देखा जाए तो इस बार बागियों की बगावत से दोनों ही पार्टी का चुनावी समीकरण बिगड़ा हुआ है वहीं निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी ताकत झोंक रहे हैं। भाजपा की ओर से पूरन राजवाड़े जनता के बीच सरकार की योजनाओं को लेकर पहुंच रहे हैं वहीं कांग्रेस के प्रेम राजवाड़े अपने कार्यकाल के विकास गाथा को जनता के बीच प्रस्तुत कर रहे हैं वहीं निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में डटे हुए हैं।

भाजपा, कांग्रेस निर्दलीय प्रत्याशी अभय विश्वकर्मा पर भारी

नगर पंचायत जरही में देखा जाए तो निर्दलीय प्रत्याशी अभय विश्वकर्मा का पलड़ा भारी नजर आ रहा है अभय विश्वकर्मा पूर्व नपं अध्यक्ष स्व बीजू दासन के द्वारा नगर में किए गए विकास कार्यों के नाम पर चुनाव लड़ रहे हैं वहीं उनके साथ स्व बीजू दासन की पत्नी निशा बीजू दासन दे रही हैं और घर-घर तक अभय विश्वकर्मा के साथ चुनाव प्रचार में पहुंच रही हैं जिस कारण जनता में उनका विश्वास बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

रेस में सबसे ऊपर निर्दलीय प्रत्याशी – अभय विश्वकर्मा

देखा जाए तो अभय विश्वकर्मा अभी अध्यक्ष की रेस में सबसे ऊपर दिखाई दे रहे हैं जरही के मतदाता विकास के नाम पर अभय विश्वकर्मा को अध्यक्ष पद का प्रबल दावेदार मान रहे हैं। जरही के लोगों का अभय विश्वकर्मा को भरपूर साथ मिल रहा है अभय विश्वकर्मा के पास इससे पहले भी राजनीति लंबा अनुभव रहा है और अभय विश्वकर्मा पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष स्व बीजू दासन के काफी करीबी माने जाते रहे हैं जिस कारण जनता को अभय विश्वकर्मा में जरही के विकास की झलक दिखाई दे रही है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नगर पंचायत जरही में भाजपा, कांग्रेस या निर्दलीय प्रत्याशी अध्यक्ष पद हासिल करेगा, क्या मतदाता दोनों दलों के प्रत्याशियों का किस्मत आजमाने के बाद फिर से उन्हें रिपीट करेंगे या फिर निर्दलीय उम्मीदवार को मौका देंगे। परिणाम चाहे जिस किसी के पक्ष में आएं लेकिन जमीनी हकीकत यही बताता है कि निर्दलीय प्रत्याशी अभय विश्वकर्मा भाजपा और कांग्रेस को जबर्दस्त टक्कर दे रहे हैं, परिणाम कोई भी आएं यह तो मतगणना के बाद ही पता चलेगा।

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