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सुकमा – कामापेदागुड़ा निवासी पण्डो सोमा ने अपने छोटे भाई पण्डो गंगा की मौत के बाद अब तक न मिली पीड़ित क्षतिपूर्ति/राहत राशि को लेकर कलेक्टर सुकमा को एक भावुक आवेदन सौंपा है। आर्थिक तंगी से जूझ रहा यह परिवार बीते 9 महीनों से तहसील और दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन मामला अब तक लंबित ही है।
हादसा 1 जनवरी 2023 को
परिजनों के अनुसार, पण्डो गंगा अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ शबरी नदी, नांगलगुंडा घाट पिकनिक मनाने गया था। इसी दौरान वह पानी में डूब गया और उसकी मौत हो गई।

हादसे के बाद टूटा परिवार
परिवार का कहना है कि—
गंगा और उसका बड़ा भाई मिलकर खेती-मजदूरी से परिवार चलाते थे।
गंगा की मौत के बाद पत्नी और तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी पूरी तरह बड़े भाई पर आ गई।
आर्थिक तंगी के कारण परिवार फिलहाल स्कूल परिसर में रहकर मजदूरी व गाय चराने जैसे कामों पर निर्भर है।
गंभीर आरोप – “मामले को मर्डर बताकर गुमराह किया गया”
परिजनों का आरोप है कि तहसील कार्यालय में आवेदन के बाद कुछ लोगों ने
मामले को हत्या बताते हुए गलत जानकारी दी,
अधिकारियों को गुमराह कर फर्जी दावा करने की कोशिश की,
परिवार को धमकाया तथा कहा कि “तुझे पैसा नहीं मिलेगा, पुलिस को पैसा खिलाया है”।
पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस की रिपोर्ट और अन्य सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद मामला बंद बता दिया गया और कोई समाधान नहीं हुआ।
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
लगातार परेशान होकर परिवार ने अब कलेक्टर से मांग की है कि—
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करायी जाए
मृतक पण्डो गंगा के वास्तविक वारिसों को शासन की राहत राशि उपलब्ध कराई जाए
परिजनों ने अपने आवेदन में पुलिस जांच रिपोर्ट एवं तहसील में जमा सभी दस्तावेज भी संलग्न किए हैं।
गरीब परिवार न्याय की उम्मीद लिए पहुँचा कलेक्टर कार्यालय
लंबे समय से भटक रहा यह परिवार अब प्रशासन से न्याय और सहायता की उम्मीद लगाए बैठा है।
देखना होगा कि पीड़ित परिवार को कब तक राहत मिल पाती है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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