जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई: कोंटा के प्रभारी मंडल संयोजक व उरसांगल बालक आश्रम अधीक्षक निलंबित

जिला प्रमुख नवीन दांदडें 

सुकमा – जिले में शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में की गई, जिससे प्रशासन की “जीरो टॉलरेंस” नीति स्पष्ट रूप से सामने आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विकासखंड कोंटा अंतर्गत प्रभारी मंडल संयोजक श्री पी. श्रीनिवास राव (मूल पद: प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला जग्गावारम) को कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है। जांच में यह पाया गया कि उन्होंने आवासीय संस्थाओं के पर्यवेक्षण में घोर उदासीनता दिखाई, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की लगातार अनदेखी की। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन माना गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सुकमा निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

इसी क्रम में एक अन्य मामले में कोंटा विकासखंड के उरसांगल बालक आश्रम में पदस्थ प्रभारी अधीक्षक श्री संतोष कुमार नाग को भी निलंबित किया गया है। जांच में पाया गया कि वे बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे तथा कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, छिंदगढ़ निर्धारित किया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और कर्तव्यों के प्रति उदासीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले समय में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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