हिन्दी साहित्य व निर्भीक पत्रकार पंडित माधवराव सप्रे जी की पुण्यतिथि पर विशेष

राजधानी से जनता तक/चरण सिंह क्षेत्रपाल

प्रतिष्ठित कहानी: एक टोकरी भर मिट्टी

गरियाबंद -हिंदी साहित्य के आधार स्तंभ, निर्भीक पत्रकार और हिंदी की प्रथम मौलिक कहानी के रचयिता पंडित माधवराव सप्रे जी को उनकी पुण्यतिथि पर शत-शत नमन।

सप्रे जी केवल कहानीकार नहीं थे। वे “हिन्दी के एक आधार स्तम्भ, साहित्य, समाज और राजनीति की संस्थाओं के सहायक उत्पादक तथा उनमें राष्ट्रीय तेज भरने वाले”थे। माखनलाल चतुर्वेदी जी ने उनके बारे में कहा था – “अपने अस्तित्व को सर्वथा मिटा कर, सर्वथा नगण्य बन कर अपने आसपास के व्यक्तियों और संस्थाओं के महत्व को बढ़ाने और चिरंजीवी बनाने वाले थे।”

उनके अनमोल कथन

 

“मैं मराठी हूँ पर हिन्दी के विषय में मुझे उतना ही अभिमान है जितना कि किसी हिन्दी भाषी को हो सकता है।”_
“जिस शिक्षा से स्वाभिमान की वृति जागृत नहीं होती है वह शिक्षा किसी काम की नहीं है।”

 

एक टोकरी भर मिट्टी – सार

 

किसी ज़मींदार के महल के पास एक गरीब अनाथ विधवा की झोंपड़ी थी। ज़मींदार अपने महल का हाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाना चाहता था। वृद्धा का मन उस झोंपड़ी से जुड़ा था क्योंकि उसके पति, इकलौते पुत्र और पतोहू का निधन वहीं हुआ था। अब उसकी पोती ही एकमात्र सहारा थी।

जब वृद्धा ने झोंपड़ी नहीं छोड़ी तो ज़मींदार ने वकीलों की मदद से अदालत के दाँव-पेंच से झोंपड़ी पर कब्जा कर लिया।

एक दिन वृद्धा एक टोकरी लेकर आई और बोली – “महाराज, झोंपड़ी तो आपकी हो गई। जबसे यह झोंपड़ी छूटी है, तब से पोती ने खाना-पीना छोड़ दिया है। इस झोंपड़ी में से एक टोकरी भर मिट्टी लेकर उसी का चूल्हा बनाकर रोटी पकाऊँगी”।

ज़मींदार ने आज्ञा दे दी। मिट्टी भरने के बाद वृद्धा ने कहा – “महाराज जरा हाथ लगाइए”। ज़मींदार टोकरी उठा ही न पाया।

तब वृद्धा बोली – “आपसे तो एक टोकरी भर मिट्टी उठाई नहीं जाती, इस झोंपड़ी में तो हज़ारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है। उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठाएंगे?”

संदेश

यह कहानी वर्ग-भेद, गरीब के शोषण और लालच पर करारा प्रहार है। एक टोकरी मिट्टी के बहाने वृद्धा ने ज़मींदार को उसके अन्याय का बोझ महसूस करा दिया। अहंकार और स्वार्थ का हृदय परिवर्तन हो गया।

हिंदी की इस पहली मौलिक कहानी ने आज भी अपनी धार नहीं खोई है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है