रायपुर। भारत सरकार द्वारा जारी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस अपशिष्ट (कचरा) उत्पन्न करने वाले सभी संस्थानों और परिसरों का पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में रायपुर नगर निगम ने शहर के सभी बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) से निर्धारित गूगल फॉर्म में अपनी जानकारी दर्ज करने की अपील की है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा विकसित पोर्टल पर सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों का पंजीयन किया जाना आवश्यक है। इसके लिए निगम द्वारा जानकारी एकत्रित की जा रही है।
इन संस्थानों पर लागू होगा नियम
यह प्रावधान उन सभी परिसरों और संस्थानों पर लागू होगा, जहां प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न होता है। इनमें कॉलोनियां, अपार्टमेंट, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, शादी घर, होटल, शॉपिंग मॉल, शासकीय एवं निजी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, सार्वजनिक उपक्रम और अन्य बड़े प्रतिष्ठान शामिल हैं।
सीपीसीबी पोर्टल पर होगा पंजीयन
नगर निगम ने बताया कि प्राप्त जानकारी के आधार पर संबंधित संस्थानों का सीपीसीबी के बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) पोर्टल पर पंजीयन कराया जाएगा। साथ ही उन्हें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े नियमों, प्रक्रियाओं और वैज्ञानिक कचरा निपटान के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वच्छ शहर निर्माण में सहयोग की अपील
नगर निगम ने सभी पात्र संस्थानों और प्रतिष्ठानों से समय पर जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। निगम का कहना है कि कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और स्वच्छ एवं व्यवस्थित रायपुर के निर्माण में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।
निगम प्रशासन ने संबंधित संस्थानों से जल्द से जल्द निर्धारित गूगल फॉर्म भरकर अपनी जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि नियमानुसार पंजीयन और आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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