जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। जिले के शबरी ऑडिटोरियम में 29 एवं 30 जून 2026 को आयोजित दो दिवसीय अनुदेशक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पोटा केबिन एवं आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर प्रबंधन और बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना रहा।
प्रशिक्षण का शुभारंभ डिप्टी कलेक्टर श्री शबाब खान ने किया। उन्होंने अनुदेशकों से संवाद करते हुए कहा कि आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करना आवश्यक है। इस अवसर पर एडीपीओ नारायण वर्मा एवं एपीसी राजनीश सिंह ने भी अनुदेशकों को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस मास्टर ट्रेनर्स द्वारा बच्चों के सर्वेक्षण, प्रवेश प्रक्रिया, पंजी संधारण, छात्रावास एवं कक्षों की साज-सज्जा, भोजन व्यवस्था सहित विभिन्न प्रशासनिक एवं शैक्षणिक विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सभी अनुदेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सामूहिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
दूसरे दिन की शुरुआत प्रातः योग सत्र से हुई। इसके बाद मेंटल हेल्थ, मेडिकल कक्ष की तैयारी, बालिकाओं के मासिक धर्म प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, व्यक्तिगत हाइजीन, बच्चों की दैनिक समय-सारणी, अवकाश प्रबंधन तथा विद्यार्थियों को प्रेरित करने की विभिन्न योजनाओं पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि अनुदेशक स्वयं को पोटा केबिनों की ऐसी आवश्यकता बनाएं कि बच्चे और उनके अभिभावक भी उन्हें अपने विद्यालय में बनाए रखने की इच्छा व्यक्त करें। उन्होंने कहा कि जिले में नक्सल प्रभाव कम होने के बाद अब अभिभावकों के पास विकल्प बढ़े हैं, इसलिए पोटा केबिन एवं आरएमएसए विद्यालयों की गुणवत्ता और विश्वास को बनाए रखना अनुदेशकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन, संवेदनशील व्यवहार और समर्पित कार्यशैली के माध्यम से पोटा केबिनों को उत्कृष्ट आवासीय शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने बताया कि प्रत्येक तीन माह में अनुदेशकों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पाँच-पाँच अनुदेशकों को प्रोत्साहन स्वरूप अन्य राज्यों के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जाएगा।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.आर. मंडावी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सहायक परियोजना समन्वयक श्री आशीष राम ने सभी अनुदेशकों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करने का आग्रह करते हुए मास्टर ट्रेनर्स एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ने अनुदेशकों को नई कार्यशैली, बेहतर प्रबंधन और बाल-केंद्रित शिक्षा के लिए प्रेरित किया। जिले में पोटा केबिनों की गुणवत्ता और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह प्रशिक्षण एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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