रायपुर। रायपुर जिले की नगर पंचायत कुंरा में एल्डरमैन (नामांकित पार्षद) की नियुक्ति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्य शासन द्वारा जारी सूची में मुकेश सिन्हा को एल्डरमैन बनाया गया है। खास बात यह है कि मुकेश सिन्हा का नाम पहले से एक कथित फर्जी आवासीय पट्टा मामले की शिकायत में शामिल है, जिसकी जांच संबंधित विभागों में जारी बताई जा रही है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
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जानकारी के अनुसार नगर पंचायत कुंरा के वार्ड क्रमांक-12 के पार्षद संतोष कुमार साहू ने तहसीलदार धरसींवा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी और थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि शासन की आवास योजना के तहत जारी किए गए पट्टों में फर्जीवाड़ा किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मुकेश सिन्हा द्वारा कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर आवेदन प्रस्तुत किया गया। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि तीन अलग-अलग पट्टों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित है, जिससे पूरे मामले पर संदेह पैदा होता है। शिकायत के साथ दस्तावेजों की प्रतियां भी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई थीं और जांच कर कार्रवाई की मांग की गई थी।

इसी बीच राज्य शासन ने नगर पंचायतों के लिए एल्डरमैनों की सूची जारी की जिसमें कुंरा नगर पंचायत के लिए मुकेश सिन्हा का नाम भी शामिल कर दिया गया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी यह चर्चा तेज हो गई है कि जब किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर शिकायत की जांच लंबित है तब उसे सार्वजनिक जिम्मेदारी देने का आधार क्या रहा? क्या नियुक्ति से पहले शिकायत और जांच की स्थिति की जानकारी ली गई थी?
हालांकि यह भी उल्लेखनीय है कि अब तक किसी सक्षम न्यायालय या जांच एजेंसी ने मुकेश सिन्हा को दोषी घोषित नहीं किया है। मामला फिलहाल जांच के अधीन है और आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित विभाग जांच कब पूरी करता है और सरकार इस नियुक्ति पर अपना पक्ष स्पष्ट करती है या नहीं। वहीं यदि मुकेश सिन्हा या शासन का पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।






