दिवान मुड़ा (नीचे पारा) शासकीय प्राथमिक विद्यालय अति जर्जर बच्चे जान जोखिम में डालकर कर रहे शिक्षा अध्ययन  

राजधानी से जनता तक/ चरण सिंह क्षेत्रपाल

गरियाबंद/ देवभोग- जिले के देवभोग विकास खण्ड अंतर्गत शासकीय स्कूल की हालत दयनीय स्थिति पर, इस विद्यालय का निर्माण कुछ ही वर्षों पहले किया गया था। लेकिन आज की स्थिति सिर्फ मरम्मत के सहारे ही चल रही है।इन स्कूल की दिवारों का प्लास्टर भी अब साथ छोड़ रहे हैं, अपनी मजबूती खो चुकी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बच्चे देश का भविष्य होते है,देश के भविष्य के सिर ऊपर खतरा मंडरा रहा है तो देश का भविष्य कैसे बनेंगे। लेकिन यही भविष्य अपनी जान जोखिम में डालकर आखिर कैसे अध्ययन कर इस और ध्यान केन्द्रित नहीं कर पा रहे हैं।सवाल उठता है कि आखिर उनके भविष्य का क्या हाल होगा?

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से सुदूर ग्राम पंचायत दिवान मुड़ा नीचे पारा शासकीय प्राथमिक शाला भवन अति जर्जर हो चुकी है और कमरा सुरक्षित नहीं है, जगह-जगह दीवारों का उखड़ गया है, प्लास्टर से बच्चों में डर का माहौल बना हुआ है कि हालात दयनीय और बदतर है,छत कब बच्चों के ऊपर गिर जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। क्या शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी नहीं है,इसकी जानकारी, अगर नहीं है तो फिर चुप्पी क्यों? अगर स्कूल प्रबंधन की ओर से उच्च अधिकारियों को इस जर्जर भवन की जानकारी दी गई है तो अब तक आवश्यक कार्रवाई करते हुए इंजीनियर शिक्षा विभाग को इसकी जांच पड़ताल अबतक क्यों नहीं किया गया ? और बच्चों के बैठने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं कराया जा रहा है। क्या बड़े अनहोनी होने का इंतजार कर विभागीय अधिकारी, कर्मचारी ” स्कूल का कोई भी ऐसा कमरा नहीं बचा जहां पानी सीपेज और दीवार की परतें टूटी हो उन बच्चों का भविष्य जर्जर दीवारों के बीच फंसा हुआ है और यह बच्चे अपनी भविष्य को बनाने के लिए जान जोखिम में डालकर जर्जर हुई स्कूल में बैठने को मजबूर हैं। इस गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए खतरा बच्चों पर ही नहीं बल्कि स्कूल में पढ़ा रहे शिक्षक/ शिक्षिकाओं को भी खतरा मंडरा रहा है। स्कूल की हालत ऐसी बनी हुई है कि खाली मैदान में प्लास्टिक का तंबू लगाया हो और उसमें जगह -जगह छेद कर दिया हो, इस तरह देवभोग विकास खण्ड के कई गांवों में शासकीय स्कूल भवनों की हालत जर्जर बदहाल बनी हुई है। बहुत ज्यादा जिम्मेदारी और जान जोखिम में डालकर बच्चे शिक्षा अध्ययन कर रहे हैं। स्कूल में अगर समय रहते कोई समाधान नहीं होता है तो बाद में बड़ी घटना घटित होने की पूरी संभावनाएं हैं। स्कूल के शिक्षक हिरा लाल सोम ने बताया कि स्कूल भवन अति जर्जर हो चुकी है, बच्चों को इसी जर्जर भवनों में पढ़ाया जा रहा है, उन्होंने और भी यह बताया कि स्कूल अच्छी होनी चाहिए, ताकि बच्चे चिंता व तनाव मुक्त होकर शिक्षा अध्ययन कर सकें। इस लिए शासन-प्रशासन को जल्द ही इसे अपने संज्ञान में लेते हुए तत्काल त्वरित समाधान होना चाहिए। उक्त ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की स्थिति को देखते हुए कई बार शिक्षा विभाग को अवगत कराया गया है, लेकिन आज दिन पर्यन्त तक स्कूलों की हालत अबतक सुधरी नहीं है , जस-का-तस रह गया है। हमें बड़ी चिंताए होती रहती है कि कहीं अचानक छत की पपड़ी बच्चों के ऊपर गिर न जाए और बड़ी घटनाओं को दावत न दे। समय पर इनका समाधान होना अत्यंत आवश्यक है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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