जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा | जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में विकास कार्यों में लापरवाही अब भारी पड़ने लगी है। जनपद पंचायत कोंटा में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर अमित कुमार ने शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में ढिलाई पर कड़ा रुख अपनाया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर भी मौजूद रहे।
समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और मनरेगा के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने तथा कुछ पंचायत सचिवों के बैठक से अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जताई। उनके निर्देश पर 5 ग्राम पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि एक पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से जिला पंचायत में संलग्न कर दिया गया।
प्रशासन के अनुसार संबंधित पंचायतों में छह माह बीत जाने के बावजूद योजनाओं के निर्माण कार्य संतोषजनक स्तर तक नहीं पहुंचे। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1998 का उल्लंघन माना गया है।
बैठक के दौरान कलेक्टर अमित कुमार ने स्पष्ट कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के विकास में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी सचिवों, तकनीकी सहायकों और निर्माण एजेंसियों को मिशन मोड में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि बारिश के मौसम को काम रोकने का बहाना नहीं बनाया जाए, बल्कि समन्वय के साथ कार्यों को समय पर पूरा किया जाए।
जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने भी दोहराया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक अमले में सतर्कता बढ़ गई है, जबकि ग्रामीणों में विकास कार्यों को लेकर नई उम्मीद जगी है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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