राजधानी से जनता तक/चरण सिंह क्षेत्रपाल
गरियाबंद – देवभोग के उड़ीसा सीमावर्ती क्षेत्र उसरीपानी से पाइक पारा सड़क मार्ग बड़े बड़े गड्ढे में तब्दील हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क मार्ग से उड़िसा के राहगीर व घरेलू उपयोगी सामाग्रियां आयात निर्यात व्यापारियों द्वारा हमेशा चलता रहता है, तथा घर निर्माण कार्य के लिए उड़िसा से सीमेंट,लौहा, गिट्टी व बोल्डर छत्तीसगढ़ में आयात होता है।इन मार्ग से उड़िसा बड बेहरा,लडु गांव से खाद, गिट्टी व अन्य सामान इधर चंदा हांडी अमरकोट को आवागमन करने उसरी पानी सीमा से होकर गुजरते हैं, तो वहीं उड़िसा नवरंगपुर जिले से अमरकोट तक यात्री बसों में आवाजाही करते हैं।इन दोनों राज्यों की मुख्य सड़क मार्ग बनी हुई है, लेकिन सबसे ज्यादा उड़िसा के राहगीर आवागमन करते हैं।

पिछले कुछ सालों में इस सड़क मार्ग को लेकर उसरी पानी व आवाजाही राहगीर ने सड़क जाम किया था, लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा कोई भी सुनवाई नहीं हुई तो हाईवा के मालिक और ग्रामीणों ने मिलकर बड़े-बड़े गड्ढे में बोल्डर और चिप्स दाना डालकर आवाजाही राहगीरों को राहत दिलाए। उक्त ग्रामीणों ने बताया कि इस बार फिर से यह सड़क मार्ग बड़े-बड़े गड्ढे में तब्दील हो गई है, दोनों राज्यों के पथ राहगीरों को आवागमन करने में बहुत समस्या उत्पन्न हो गई है। यदि समय रहते हुए इन गड्ढों को पाटी नहीं जाती है तो आगामी भविष्य में बड़े घटना को अंजाम देकर भारी भुगतना पड़ सकता हैं।हर साल इन सड़क की हालत को लेकर शासन-प्रशासन तक गुहार लगाई जाती है, लेकिन शासन-प्रशासन आंख बंद करके चुपचाप बैठी रहती है। चुकी यह सड़क मार्ग हमें और हमारे पड़ोस राज्य उड़ीसा के राहगीर ज्यादा आवागमन करते हैं। यदि इन सड़कों पर पुनः एक बार फिर से डामरीकरण सड़क निर्माण कर दिया जाता है तो हजारों लोगों को आवागमन करने में सहुलियत होगी। चाहे बड़ी वाहन हो या छोटी वाहने आवागमन होने में किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी। ग्रामीणों ने और भी यह बताया कि उड़िसा हमारा मित्र मूल्क है जिससे मानवजाति रोटी बेटी रिश्ता नाता हमेशा लगाव है। जब व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब हो और माता बहनें की प्रसव के लिए चिकित्सा हेतु अस्पताल में भर्ती कराने के लिए बरसात के मौसम में देवभोग बेलाटनाला में पुल ऊपर से अधिक पानी बहने से रास्ता बंद हो जाता है, तो उड़िसा मार्ग से होकर अस्पताल तक पहुंचते हैं। उड़ीसा हमारे पड़ोसी मूल्क होने के नाते हमारी समस्या, दुख-सुख और आर्थिक स्थिति को संभालने में मदद करती हैं। दोनों के बीच में आपसी भाईचारे होने से दोनों के बीच रीति नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उड़ीसा के धार्मिक और सामाजिक रिती रिवाजों को अनुकरण किया जाता है। उड़ीसा सीमावर्ती इलाकों की सड़कें हालात बदहाल बनी हुई हैं। जबकि पड़ोसी मूल्क उड़िसा राज्य सरकार ने अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में डामरीकरण सड़कें बनाई है, जिसमें छत्तीसगढ़ सरकार को भी सीमाओं तक डामरीकरण सड़क मार्ग से जोड़ देना चाहिए क्योंकि इससे हजारों राहगीरों को आवागमन करने में आसानी होगी।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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