आरंग नगर में खुलेआम बिक रहा गांजा, नाबालिगों तक पहुंच रहा नशा: स्टिंग ऑपरेशन में चौंकाने वाले तथ्य सामने

 

आरंग नगर में खुलेआम बिक रहा गांजा, नाबालिगों तक पहुंच रहा नशा: स्टिंग ऑपरेशन में चौंकाने वाले तथ्य सामने
आरंग नगर में खुलेआम बिक रहा गांजा, नाबालिगों तक पहुंच रहा नशा: स्टिंग ऑपरेशन में चौंकाने वाले तथ्य सामने

आरंग नगर में खुलेआम बिक रहा गांजा, नाबालिगों तक पहुंच रहा नशा: स्टिंग ऑपरेशन में चौंकाने वाले तथ्य सामने

आरंग। नगर में अवैध नशे के कारोबार को लेकर किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने स्थानीय प्रशासन और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार ईश्वर नौरंगे, अजीत ढीढी एवं लक्ष्मण कोसले द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में कथित रूप से यह सामने आया कि नगर के कुछ स्थानों पर गांजा खुलेआम बेचा जा रहा है और इसे खरीदने वालों में नाबालिग भी शामिल हैं।

स्टिंग के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह संकेत मिलता है कि नशे का यह कारोबार बिना किसी डर के संचालित हो रहा है। यदि ऐसा है, तो यह प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठता है कि आखिर इतने लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्टिंग के दौरान कुछ ऐसे दृश्य भी सामने आए, जिनमें कम उम्र के युवक कथित रूप से गांजा खरीदते दिखाई दिए। यदि नाबालिगों तक नशा आसानी से पहुंच रहा है, तो यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि पूरे समाज के भविष्य का विषय बन जाता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो युवा पीढ़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में आ सकती है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि नशे की बढ़ती उपलब्धता अपराध, शिक्षा से दूरी और सामाजिक असुरक्षा जैसी समस्याओं को बढ़ावा देती है।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि अवैध कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है, तो क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं है? यदि जानकारी है, तो अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इन सवालों का जवाब संबंधित एजेंसियों को देना चाहिए।

पत्रकारों ने मांग की है कि स्टिंग ऑपरेशन में उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के विरुद्ध NDPS Act के तहत कठोर कार्रवाई की जाए तथा यह भी जांच की जाए कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या संरक्षण मिला है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों पर भी कानूनी कार्रवाई हो।

(संपादकीय टिप्पणी: यह समाचार पत्रकारों द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन एवं उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर तैयार किया गया है। अंतिम सत्यापन एवं दोष निर्धारण संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा।)

Laxman Kumar
Author: Laxman Kumar