स्वास्थ्य विभाग में ‘अटैचमेंट’ का बड़ा खेल: शासन के आदेश के बाद भी जमीं पर बेअसर, RTI में हुआ बड़ा खुलासा
राजधानी से जनता तक /ओंकार पर्वते
गरियाबंद / छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य कर्मियों के *अटैचमेंट (संलग्नीकरण)* को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की बड़ी घोषणा की गई थी।
संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, नया रायपुर द्वारा जारी आदेश (क्रमांक/संस्था/PA/2026/30) के तहत प्रदेश भर के समस्त संभागीय संयुक्त संचालक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और सिविल सर्जनों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि मूल पदस्थापना स्थान से अन्यत्र संलग्न सभी डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों का अटैचमेंट 3 दिवस के भीतर समाप्त कर अनिवार्य रूप से प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया जाए।
RTI से हुआ बड़ा खुलासा
सामाजिक कार्यकर्ता *कन्हैया मांझी* (निवासी- गिरसूल, देवभोग) द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) 2005 के तहत मांगी गई जानकारी में जिले में अटैचमेंट के खेल और प्रशासनिक लापरवाही की परतें उधड़कर सामने आई हैं। विभिन्न खण्ड चिकित्सा अधिकारियों (मैनपुर, देवभोग, राजिम-फिंगेश्वर) और CMHO कार्यालय गरियाबंद से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार
मैनपुर एवं देवभोग अंचल:उप स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (जैसे जांगड़ा, कुचेंगा, तौरेंगा, ढोढ़रा, दीवानगुड़ा आदि) में पदस्थ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, स्टाफ नर्स और संगणकों को सुविधा के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला चिकित्सालयों में अटैच करके रखा गया है।
कागजी आदेश, ज़मीनी हकीकत शून्य:
शासन और संचालनालय के सख्त निर्देशों के बाद भी अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा महज पत्राचार का औपचारिकता पालन किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर अधिकांश स्वास्थ्य कर्मचारी अब भी अपने मनपसंद और सुविधानुसार अटैच किए गए स्थानों पर ही डटे हुए हैं।
स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित:
दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के उप स्वास्थ्य केंद्रों से कर्मचारियों के अन्यत्र संलग्न रहने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है।
संविदा व NHM कर्मचारियों की जानकारी पर टालमटोल
RTI के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों और मानव संसाधन प्रबंधकों की सेवा समाप्ति एवं अटैचमेंट से संबंधित मांगी गई जानकारी पर जनसूचना अधिकारी द्वारा यह कहकर जानकारी देने से मना कर दिया गया कि चाही गई जानकारी “नियमित स्थापना शाखा से संबंधित नहीं” होने के कारण उपलब्ध नहीं है। इससे विभाग की पारदर्शी कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश, उच्च स्तरीय कार्रवाई की मांग
शासन के स्पष्ट रुख और विधानसभा में दिए गए आश्वासन के बाद भी गरियाबंद जिले में अटैचमेंट व्यवस्था समाप्त न होने से क्षेत्रीय ग्रामीणों और समाजसेवियों में गहरा असंतोष है। ग्रामीणों ने मांग की है कि शासन के आदेशों का उल्लंघन करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और मूल स्थान पर कार्यभार ग्रहण न करने वाले कर्मचारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ताकि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच सके।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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