राजधानी से जनता तक/चरण सिंह क्षेत्रपाल
गरियाबंद – देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्रामीण महिला आजीविका मिशन योजना को संचालित किया जा रहा है ताकि घर की चार दिवारी से महिलाएं बाहर आकर आत्मनिर्भर बन सके इसके तहत महिलाएं आत्मनिर्भर भी बन रही है लेकिन यह योजना पर अब ग्रहण भी लगता हुआ दिख रहा है चुंकि यह योजना का क्रियान्वयन जिनके कंधे पर वो ही इस योजना को पलीता लगाते दिख रहे दरसल यह योजना में महिलाओं को कृषि सखी ,उद्योग सखी ,पशु सखी का चयन विभाग को करना था जिसके तहत ब्लाक मुख्यालय देवभोग में बकायदा लिखित परीक्षा भी सम्पन्न करवाया गया लेकिन अब इसमें भी सेटिंग का खेल जमकर चला है परीक्षा सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई एवम अपने करीबियों को चयन कर अपनी वाह वाही अब विभाग ले रहा है इसकी जांच के बाद कई सारे गम्भीर मामले भी देखने को मिल सकती हैं ।
परीक्षा बनी औपचारिकता , करीबियों को कर दिया गया चयन
दरसल यह पशु सखी ,उद्योग सखी ,कृषि सखी चयन के लिए कलस्टर वार ब्लाक मुख्यालय में महिला समूह की सदस्यों का लिखित परीक्षा भी लिया गया लेकिन सेटिंग पहले से ही कर ली गई थी ताकि चयन प्रक्रिया पर कोई उँगली न उठा सके क्लस्टर में लंबे समय से जुड़े लेखापाल ,कम्प्यूटर ऑपरेटर ,पीआरपी , ब्लाक समन्वयक की भूमिका भी संदिग्ध के दायरे में देखा जा रहा है वही इस पूरे मामले पर ब्लाक समन्वयक अतुल कुमार दूबे ने यह कहा कि महिलाओं के कार्य कुशलता ,दक्षता ,के अनुसार चयन किया गया है ऐसे में सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि लिखित परीक्षा लेकर क्या इसे औपचारिकता निभाई गई यह भी संशय हो रहा है कि परीक्षा तो सिर्फ बहाना था चयन तो पहले से हो गई थी ।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है






