एक महीने से बंद उप स्वास्थ्य केंद्र धुरवागुड़ी: स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश

गरियाबंद / मैनपुर:
धुरवागुड़ी (खोकमा) पंचायत के अंतर्गत आने वाले उप स्वास्थ्य केंद्र (आरोग्य मंदिर)धुरवागुड़ी पिछले एक महीने से ताला लटका हुआ है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ गई हैं। बारिश के इस मौसम में मौसमी बीमारियों और मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र के बंद रहने से ग्रामीण बेहद परेशान हैं।
एक महीने से ताला:
उप स्वास्थ्य केंद्र धुरवागुड़ी में पिछले एक महीने से लगातार ताला जड़ा हुआ है, जिससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों को निराशा हाथ लग रही है।
मरीजों की बढ़ रही संख्या:
बरसात के दिनों में क्षेत्र में मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है, लेकिन केंद्र बंद होने के कारण ग्रामीणों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
स्टाफ की अनुपस्थिति और वैकल्पिक व्यवस्था की समस्या:
इस केंद्र में पदस्थ महिला स्वास्थ्य कर्मी श्रीमती रोशनी बांधे एक महीने की मेडिकल छुट्टी पर हैं। उनके स्थान पर स्वास्थ्य वर्कर श्री निलेश ध्रुव को प्रभार दिया गया है, लेकिन उनकी ड्यूटी स्कूलों में छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण कार्यों में भी लगा दी जाती है, जिससे स्वास्थ्य केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रहा है।
अन्य गंभीर समस्याएं:
स्वास्थ्य केंद्र बंद होने के कारण ग्रामीणों को बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने तथा महिलाओं को डिलीवरी से संबंधित समस्याओं में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों को दी गई सूचना और ग्रामीणों का आक्रोश:
स्वास्थ्य सेवाओं के इस बदतर हाल से नाराज होकर आज कई पंचायतों के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उप स्वास्थ्य केंद्र के सामने एकत्रित हुए। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (मैनपुर) एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (गरियाबंद) को फोन के माध्यम से इस गंभीर समस्या से अवगत कराया है। इसके अलावा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरी शंकर कश्यप के संज्ञान में भी यह मामला लाया गया है तथा सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
क्षेत्रीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उच्च प्रशासन से मांग की है कि उप स्वास्थ्य केंद्र धुर्वागुड़ी में जल्द से जल्द नियमित और सुचारू स्वास्थ्य सेवाएं बहाल की जाएं, ताकि आम जनता को समय पर उचित उपचार मिल सके।






