रैंप योजना अंतर्गत वन्य केन्द्र छुईखदान में सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण सम्पन्न

 

छुईखदान । केंद्र सरकार की रैंप (RAMP) योजना के अंतर्गत जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के वन्य केंद्र में एमएफपी से जुड़े उद्यमियों हेतु सेक्टर स्पेसिफिक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार तथा राज्य शासन की उद्यमिता प्रोत्साहन पहलों के तहत सीएसआईडीसी रायपुर के बैनर तले चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुल 31 उद्यमियों एवं महिला उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना, स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा प्रतिभागियों को व्यवहारिक एवं तकनीकी ज्ञान प्रदान करना रहा। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस प्रतिभागियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी वर्तमान गतिविधियों, कार्य प्रणाली एवं चुनौतियों की जानकारी ली गई। इसके पश्चात मास्टर ट्रेनर द्वारा वन-टू-वन मार्गदर्शन के माध्यम से संस्थागत ढांचे, अनुभवों एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

द्वितीय दिवस केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, सब्सिडी प्रावधानों, ईडीपी प्रशिक्षण, कौशल विकास, मार्केटिंग रणनीतियों तथा उद्यम पंजीयन की आवश्यकताओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। वहीं अंतिम दिवस आयात-निर्यात की रणनीति, विभागीय समन्वय तथा भविष्य की मांगों के अनुरूप वन्य बहुल क्षेत्र मुख्य रूप से द्वितीयक (Secondary) और लघु उद्योग (MSME) क्षेत्र के तहत वन्य क्षेत्र वर्ग में आते हैं, जो महुवा , तेंदूपत्ता संग्रहण,उनसे बने उत्पाद और फूड प्रोसेस का कार्य करने हेतु उत्सुक हैं। वे पारंपरिक महुवा ,तेंदूपत्ता प्रसंस्करण, शहद पर कार्य और वन्य आश्रित ग्राम पर निर्भर लोगो को सशक्तिकरण योजना जैसी सरकारी पहलों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत में योगदान करते हैं।

जिससे एमएफपी उद्यमियों को अतिरिक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें व इसके प्रशिक्षण की मध्यस्थता, विभागीय मार्गदर्शन , मार्केटिंग आदि के अवसर उपलब्ध कराए जा सके।।

प्रशिक्षण के अंतिम दिवस जिला प्रशिक्षुओं को विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ, ऋण प्रणाली, सब्सिडी, वर्किंग कैपिटल एवं प्रस्तुति संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। उक्त दिवस जिला उद्योग विभाग के महाप्रबंधक प्रणय कुमार बघेल द्वारा आदिवासी समुदाय को प्रोत्साहन व शहरीकरण से जोड़ने की बात की उपरांत फूड प्रोसेसिंग व रुचि अनुसार कार्य की संरचना बनाकर क्रियान्वयन करने हेतु उदाहरण दिया।

प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायी एवं मार्गदर्शक बताया। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर पारुल पाण्डेय, डिविजनल समन्वयक तुषार साहू की सक्रिय भूमिका रही। समापन अवसर पर चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

Deendayal Yadu
Author: Deendayal Yadu

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