- आत्मानंद स्कूल धुर्वागुडी में शिक्षकों की कमी से नाराज पालक, दी आमरण अनशन की चेतावनी

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गरियाबंद (धुर्वागुडी):
जिले के शासकीय आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी-अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, धुर्वागुडी में शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। लंबे समय से शिक्षकों की कमी झेल रहे विद्यालय के आक्रोशित पालकों ने अब मोर्चा खोल दिया है। पालकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आमरण अनशन करने के लिए मजबूर होंगे।
शैक्षणिक व्यवस्था पर लगा ग्रहण
पालकों और विद्यार्थियों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षकों के अभाव के चलते नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। शिक्षकों की कमी का सीधा असर बच्चों के शैक्षणिक स्तर और आगामी परीक्षाओं के परिणामों पर पड़ रहा है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सपना दिखाने वाले आत्मानंद विद्यालय में ही पढ़ाई प्रभावित होने से पालकों में भारी रोष व्याप्त है।
नई बिल्डिंग में पठन-पाठन की मांग
ज्ञापन में एक महत्वपूर्ण मांग यह भी की गई है कि विद्यालय के नए भवन में पठन-पाठन का कार्य अविलंब शुरू किया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। पालकों ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन को दी चेतावनी
पालकों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि एक निश्चित समयावधि के भीतर शिक्षकों की नियुक्ति या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती है, तो समस्त पालक और छात्र आमरण अनशन शुरू करेंगे। इस आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति या कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इन अधिकारियों को दी गई सूचना:
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर गरियाबंद के साथ-साथ अनुभागीय अधिकारी (मैनपुर), तहसीलदार (अमलीपदर) एवं स्थानीय थाना प्रभारियों (अमलीपदर व इन्दागाँव) को भी भेजी गई है, ताकि प्रशासन समय रहते मामले की गंभीरता को समझे और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करे।
क्या* धुर्वागुडी के नौनिहालों को शिक्षा का हक दिलाने के लिए प्रशासन अपनी नींद तोड़ेगा? या फिर जिले में एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा होने का इंतज़ार किया जा रहा है?






