रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में गुरुवार को 66 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सात महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया। शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और सतत विकास को नई दिशा देने वाली इन परियोजनाओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और ‘विकसित भारत-2047’ की परिकल्पना से जोड़कर देखा जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने की। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव, प्राध्यापक, छात्र, कर्मचारी, पूर्व छात्र और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ का पहला डीएसटी समर्थित टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर
समारोह में गोल्डन टॉवर की दूसरी मंजिल पर विकसित लगभग एक करोड़ रुपये लागत वाले एनआईटी रायपुर एफआईई इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया गया। यह छत्तीसगढ़ का पहला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) समर्थित टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर है, जो वर्तमान में 50 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान कर रहा है।
शुरू हुआ सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन
संस्थान परिसर में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का भी शुभारंभ किया गया। दो एसी/डीसी चार्जरों से सुसज्जित यह केंद्र 60 किलोवाट तक की चार्जिंग क्षमता प्रदान करेगा। इसे स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
उच्च-वोल्टेज अनुसंधान को मिलेगा नया केंद्र
लगभग 9.12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उच्च-वोल्टेज इम्पल्स परीक्षण प्रयोगशाला की आधारशिला भी रखी गई। यह परियोजना विद्युत प्रणाली अभियांत्रिकी, परीक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलेगी। इसके निर्माण में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीटीसीएल) की ओर से एक करोड़ रुपये की सीएसआर सहायता दी गई है।
प्लेटिनम जुबली वर्ष में अतिथि गृह की सौगात
संस्थान के प्लेटिनम जुबली वर्ष के अवसर पर 13.27 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक प्लेटिनम अतिथि गृह का शिलान्यास किया गया। इसमें 20 सुसज्जित कमरे, सम्मेलन कक्ष और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अतिथियों के लिए बेहतर आवास व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
नए अकादमिक भवन का उद्घाटन
करीब 25.57 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जी+6 अकादमिक एनेक्स-1 भवन का उद्घाटन भी किया गया। 4,800 वर्गमीटर क्षेत्र में बने इस भवन में 35 कक्ष विकसित किए गए हैं, जिनका उपयोग विभिन्न विभागों की शैक्षणिक गतिविधियों और इनक्यूबेशन सेंटर संचालन के लिए किया जाएगा।
मेकरस्पेस और रिसर्च ब्लॉक का शिलान्यास
16.91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मेकरस्पेस एवं अनुसंधान सुविधा भवन की आधारशिला भी रखी गई। यहां अत्याधुनिक टिंकरिंग लैब, प्रोटोटाइप विकास सुविधाएं और अनुसंधान परियोजनाओं के लिए समर्पित ब्लॉक विकसित किए जाएंगे। यह परियोजना अगले 12 माह में पूरी होने की संभावना है।
भारतीय ज्ञान परंपरा को मिला नया मंच
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण केंद्रीय पुस्तकालय में भारतीय ज्ञान परंपरा अनुभाग का शुभारंभ रहा। इस अनुभाग में भारतीय दर्शन, विज्ञान, गणित, आयुर्वेद, योग, वास्तु और साहित्य से जुड़ी पुस्तकों, पांडुलिपियों और शोध सामग्री को संकलित किया गया है। इसका उद्देश्य पारंपरिक भारतीय ज्ञान को आधुनिक शिक्षा और अनुसंधान से जोड़ना है।
नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में बड़ा कदम
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने कहा कि एनआईटी रायपुर आधुनिक, नवाचार-आधारित और सतत विकास वाले परिसर के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने कहा कि नई परियोजनाएं संस्थान की दूरदर्शी विकास नीति का प्रतीक हैं और इससे शिक्षा, अनुसंधान, स्टार्टअप संस्कृति तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को नई मजबूती मिलेगी।
इन परियोजनाओं के साथ एनआईटी रायपुर ने उच्च शिक्षा, तकनीकी अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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