खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच यूएई का बड़ा कदम, भारतीय रक्षा प्रणालियां खरीदने की योजना

नईदिल्ली । मध्य पूर्व में युद्ध के बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) अपनी रक्षा ताकत बढ़ाने की सोच रहा है। इसी के तहत उसने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस और वायु रक्षा प्रणाली आकाशतीर के साथ कुछ प्रमुख रक्षा प्रणालियों की खरीद के लिए भारत सरकार से बातचीत शुरू कर दी है। यह बातचीत अभी प्रारंभिक चरण में है और तेजी से आगे बढ़ रही है। इस संबंध में भारतीय अधिकारियों और यूएई के अधिकारियों की ओर से कोई बयान नहीं आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई ने ब्रह्मोस और आकाशतीर सहित हमारी कई हथियार प्रणालियों में रुचि दिखाई है और दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। अगर यह सौदा पक्का हुआ तो यूएई, फिलीपींस, वियतनाम और इंडोनेशिया के बाद ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली हासिल करने वाला चौथा देश बन जाएगा। साथ ही, भारत के इस कदम से खाड़ी देश भारत के सबसे अधिक मांग वाले सैन्य निर्यातों का नवीनतम अंतरराष्ट्रीय ग्राहक बन सकता है।
ब्रह्मोस को भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। यह दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में से एक है। इसे जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च किया जा सकता है। वहीं, आकाशतीर भारत की सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा विकसित है और पूरी तरह स्वचालित वायु रक्षा प्रणाली है। बता दें कि ब्रह्मोस के लिए थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और चिली ने भी रुचि दिखाई है।
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के दौरान ईरान ने खाड़ी देशों पर भीषण हमले किए, जिसमें यूएई भी शामिल था। हमलों से उसे काफी नुकसान हुआ है, जिसे देखते हुए वह अपनी ताकत बढ़ाना चाहता है। यूएई भारत समेत कई अन्य स्रोतों से रक्षा उपकरण खरीदने पर विचार कर रहा है। इस साल की शुरुआत में, उसने दक्षिण कोरिया से 35 अरब डॉलर (2.92 लाख करोड़ रुपये) से अधिक के एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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