छुईखदान। क्षेत्र के प्रसिद्ध छिन्दारी बांध में 17 वर्षीय युवक की डूबने से हुई दर्दनाक मौत के बाद पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। इस घटना ने एक बार फिर बांध क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर कर दिया है तथा स्थायी सुरक्षा उपायों की मांग तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार युवक के डूबने की सूचना मिलते ही राजनांदगांव रेस्क्यू टीम द्वारा बांध में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी युवक का पता नहीं चल सका। इसके बाद दुर्ग संभाग की एसडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया गया। विशेष खोज अभियान चलाकर टीम ने युवक के शव को बरामद किया। घटना के बाद परिजनों सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
गौरतलब है कि छिन्दारी बांध में यह पहली घटना नहीं है। लगभग दो वर्ष पूर्व भी एक युवक की डूबने से मौत हो चुकी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद अब तक पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं किए जाने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर छिन्दारी बांध युवाओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने और मनोरंजन के लिए पहुंचते हैं। बांध के आसपास बने छोटे-छोटे टापू और गहरे जल क्षेत्र युवाओं को आकर्षित करते हैं, जिसके चलते कई बार लोग उत्साह में खतरे वाले हिस्सों तक पहुंच जाते हैं और हादसों का शिकार हो जाते हैं।
क्षेत्रवासियों ने जल संसाधन विभाग एवं प्रशासन से मांग की है कि बांध के किनारों पर फेंसिंग तार लगाकर सुरक्षा घेरा बनाया जाए तथा टापुओं और गहरे जल क्षेत्रों के आसपास बैरिकेडिंग की जाए। साथ ही चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा संकेतक, निगरानी व्यवस्था एवं प्रतिबंधित क्षेत्रों की स्पष्ट पहचान भी सुनिश्चित की जाए।
लोगों का कहना है कि यदि संवेदनशील क्षेत्रों को फेंसिंग द्वारा सुरक्षित कर दिया जाए तो न केवल पर्यटकों और युवाओं को अनावश्यक जोखिम उठाने से रोका जा सकेगा, बल्कि भविष्य में होने वाली दुखद घटनाओं पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से जनहित में शीघ्र स्थायी सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की मांग करते हुए कहा है कि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी अपूरणीय क्षति का सामना न करना पड़े, इसके लिए तत्काल ठोस कदम उठाना आवश्यक है।




