स्कूल, हॉस्टल और पोटा केबिनों का औचक निरीक्षण, लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई
जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। नक्सल प्रभावित रहे सुकमा जिले के दूरस्थ इलाकों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन अब पूरी गंभीरता के साथ मैदान में उतर चुका है। इसी कड़ी में जिला शिक्षा अधिकारी श्री जीआर मंडावी ने जगरगुंडा, चिंतलनार और चिंतागुफा क्षेत्र के स्कूलों, छात्रावासों एवं पोटा केबिनों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त रुख अपनाते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने एजुकेशन सिटी जगरगुंडा के लिए प्रस्तावित स्थल का भी मुआयना किया। माना जा रहा है कि इस परियोजना के मूर्त रूप लेने से क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
औचक निरीक्षण के दौरान पोटा केबिन एवं आरएमएसए छात्रावास में अधीक्षक और अनुदेशकों की अनुपस्थिति पर जिला शिक्षा अधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं हायर सेकेंडरी स्कूल जगरगुंडा में लैब और निर्माणाधीन पुस्तकालय का निरीक्षण कर उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संसाधनों की उपलब्धता और विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अलावा हाई स्कूल पोलमपल्ली के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया गया, जहां गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को दिए गए।
इस निरीक्षण दौरे में सहायक कार्यक्रम समन्वयक श्री आशीष राम एवं खंड स्रोत समन्वयक कोंटा श्री वीरभद्र राव भी मौजूद रहे। प्रशासन की इस सक्रियता को जगरगुंडा और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में शिक्षा की नई तस्वीर गढ़ने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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