गुटेर नदी में मशीनों से उत्खनन जारी, खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। जिले के छिंदगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम तोंगपाल के गुटेर क्षेत्र में एक बार फिर अवैध रेत खदान संचालन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी में भारी मशीनें उतारकर दिन-रात रेत का उत्खनन किया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार नदी में मशीनों से खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद खुलेआम चल रहे इस कारोबार ने खनिज विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक खदान में लगातार मशीनों का उपयोग किया जा रहा है और भारी वाहनों के जरिए 24 घंटे रेत का परिवहन जारी है। ग्रामीणों का दावा है कि ठेकेदार कौन है, कितनी रॉयल्टी जमा हो रही है और किस अनुमति के आधार पर उत्खनन हो रहा है—इसकी स्पष्ट जानकारी तक विभाग के पास नहीं है। ऐसे में लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग अपनी जवाबदेही से पीछे हटता नजर आ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासनिक कार्रवाई की बातें जरूर सामने आई थीं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात नहीं बदले। लोगों का आरोप है कि बाहरी लोगों के साथ स्थानीय प्रभावशाली तत्वों और कथित राजनीतिक संरक्षण में पूरा अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार जारी उत्खनन ने ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ा दी है।
क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया है कि जब शासन के स्पष्ट नियम मशीनों से नदी उत्खनन पर रोक लगाते हैं, तो फिर खुलेआम जेसीबी और अन्य भारी मशीनें कैसे चल रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज विभाग केवल औपचारिक निरीक्षण कर लौट जाता है, जबकि अवैध उत्खनन लगातार जारी रहता है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो नदी का अस्तित्व, जलस्तर और पर्यावरण गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर तत्काल कार्रवाई कर मशीनों को जब्त किया जाए और अवैध खनन में शामिल लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि दोबारा इस तरह का अवैध कारोबार शुरू न हो सके।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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