राजधानी से जनता तक/चरण सिंह क्षेत्रपाल
गरियाबंद – जनपद पंचायत देवभोग अंतर्गत ग्राम पंचायत दिवान मुड़ा में 15 वें वित्त आयोग से कराए जा रहे निगीपारा में सीसी सड़क निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं ? करीब 2.50 लाख रुपए की स्वीकृति राशि वाले निर्माण कार्य में 1 लाख 23 हजार 200 सौ 50 रुपए का काम सामने आने के बाद ग्रामीणों ने निमार्ण की लागत, गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रियाएं पर सवाल उठते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में खर्च दिखाई दे रही राशि और मौके पर नजर आ रहे निर्माण के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
200 मीटर लंबी सीसी सड़क और 1 लाख 23 हजार 200 सौ 50 रुपए का आहरण, हिसाब मांग रहे ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार सीसी सड़क निर्माण के लिए करीब 2.50 लाख रुपए स्वीकृत है, मौके पर लगभग 200 मीटर लंबी सीसी सड़क निर्माण दिखाई दे रहा है। और कार्य अभी अधूरा बताया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि इतना निर्माण करीब 40-50 हजार रुपए में पूरा हो सकता हैं। जबकि 1 लाख 23 हजार 200 सौ 50रुपए की पहली किश्त के आहरण की बात सामने आ रही हैं, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आहरित राशि के मुकाबले मौके पर कितना वास्तविक कार्य हुआ है।

सूचना पटल नदारद, पार्दर्शिता पर भी सवाल
निर्माण स्थल पर कार्य की स्वीकृति लागत कार्य एजेंसी, निर्माण अवधि और अन्य आवश्यक जानकारी वाला सूचना पटल नहीं लगाए जाने की बात ग्रामीणों ने कहीं हैं। इससे निर्माण कार्य को लागत और भुगतान से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना पटल लगाया जाता तो कार्य की पूरी जानकारी मौके पर ही मिल सकती थी।
गुणवत्ता युक्त मटेरियल सामाग्रियां इस्तेमाल के जगह गुणवत्ताहीन मटेरियल इस्तेमाल किया जाना
ग्रामीणों का कहना है कि निगीपारा में सीसी सड़क निर्माण किया गया है तो उसमें गुणवत्ता युक्त मटेरियल इस्तेमाल नहीं किया गया है, इस लिए एक दो महीने में सीसी सड़क की हालत गुणवत्ताहीन निर्माण में परिवर्तन हो गई है। इसमें सीमेंट कम रेती और कांक्रीट ज्यादा उपयोग से गिट्टी बहार उखड़ जाने की संभावना दिखाई दे रही हैं, कार्य में अनियमितता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
माप पुस्तिका और मौके के काम का हो मिलान, तभी सामने आएगी सच्चाई
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराने की मांग तैयारी चल रही हैं।उनका कहना है कि सीसी सड़क की वास्तविक लंबाई -चौड़ाई और मोटाई, सीमेंट एवं अन्य निर्माण सामग्री की मात्रा, स्वीकृत राशि, तकनीकी स्वीकृति,माप स्वीकृति और किए गए भुगतान का मौके पर हुए निर्माण से मिलान कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि दस्तावेजों और भौतिक सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्वीकृति राशि के मुकाबले वास्तविक निर्माण कितना हुआ और भुगतान किस आधार पर किया गया। फिलहाल अधूरी सीसी सड़क 1 लाख 23 हजार 200 सौ 50 रुपए के आहरण और निर्माण गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने दिवान मुड़ा पंचायत के इस कार्य की जांच के घेरे में ला दिया है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन ग्रामीणों के शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के बाद क्या तस्वीर सामने आती हैं।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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