महिला अधिकारी से अश्लील हरकत करने वाला जनपद सदस्य हाईकोर्ट से भी नहीं बच पाया : जमानत खारिज, एक महीने से फरार आरोपी पर गिरफ्तारी की तलवार

 

छुईखदान। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बातें करने वाले जनप्रतिनिधियों के बीच छुईखदान से सामने आया यह मामला पूरे क्षेत्र में आक्रोश का कारण बन गया है। एक महिला अधिकारी को महीनों तक कथित रूप से मानसिक प्रताड़ना, अश्लील टिप्पणियों, पीछा करने और दबाव में लेने वाले आरोपी जनपद सदस्य को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक महीने से फरार आरोपी अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर कैसे है? जानकारी के मुताबिक पीड़ित महिला अधिकारी ने अप्रैल माह में छुईखदान थाना पहुंचकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि जनपद सदस्य लगातार कार्यालय पहुंचकर अभद्र हरकतें करता था, भद्दे कमेंट करता था और महिला अधिकारी पर दबाव बनाता था।

पीड़िता ने अपने बयान में कहा है कि आरोपी चेंबर में घुसकर कर्मचारियों को बाहर भेज देता था और खुद को “बहुत पहुंच वाला” बताते हुए डराने की कोशिश करता था। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी महिला अधिकारी पर शारीरिक संबंध बनाने तक का दबाव डालता था।

“मेरी बात नहीं मानी तो अंजाम बुरा होगा”

पीड़िता के अनुसार आरोपी खुलेआम धमकी देता था कि उसने पहले भी अधिकारियों को हटवाया है और यदि उसकी बात नहीं मानी गई तो उनका भी “हाल बुरा” कर देगा।

महिला अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी लगातार फोन कर परेशान करता था। नंबर ब्लॉक करने के बाद भी वह पीछा करता रहा। कार्यालय से घर लौटते समय रास्ते भर पीछा करना और घर की जानकारी बताकर डराने जैसी हरकतों ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर दिया था।

जनप्रतिनिधि या सत्ता का दुरुपयोग?

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस व्यक्ति को जनता ने विकास और सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी, वही अगर महिला अधिकारी को भय और दबाव में रखने लगे तो यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है।

क्षेत्र में चर्चा है कि आरोपी ने मामले को दबाने और समझौता कराने की भी कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो गिरफ्तारी से बचने फरार हो गया। अब हाईकोर्ट से झटका मिलने के बाद उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

यह मामला केवल एक महिला अधिकारी का नहीं, बल्कि उन तमाम कामकाजी महिलाओं का है जो रोज कार्यस्थलों पर मानसिक दबाव और उत्पीड़न झेलती हैं।

लोग पूछ रहे हैं —

अगर एक वरिष्ठ महिला अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?

क्षेत्र में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

Deendyal Yadav
Author: Deendyal Yadav