रायपुर में नए स्वरूप में शुरू हुए आरआरआर सेंटर, अब घरों से भी जुटाई जाएंगी अनुपयोगी वस्तुएं

रायपुर। स्वच्छ भारत मिशन एवं स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत रायपुर नगर निगम ने शहर में अपशिष्ट प्रबंधन और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जोन-3 और जोन-9 कार्यालय परिसरों में नए स्वरूप के आरआरआर (रिड्यूस, रियूज, रिसायकल) सेंटरों का शुभारंभ किया है। इन केंद्रों का लोकार्पण रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने जनप्रतिनिधियों और निगम अधिकारियों की उपस्थिति में किया।शंकर नगर स्थित जोन-3 कार्यालय तथा मोवा स्थित जोन-9 कार्यालय परिसर में स्थापित इन केंद्रों का उद्देश्य घरों में अनुपयोगी पड़ी वस्तुओं को संग्रहित कर उन्हें जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में जोन-3 अध्यक्ष साधना प्रमोद साहू, जोन-9 अध्यक्ष गोपेश साहू, एमआईसी सदस्य खेम कुमार सेन, पार्षदगण, निगम अधिकारी एवं महिला स्व-सहायता समूहों की प्रतिनिधि महिलाएं मौजूद रहीं।नगर निगम द्वारा दोनों केंद्रों के लिए एक-एक ई-बैटरी वाहन उपलब्ध कराया गया है। ये वाहन जोन-3 और जोन-9 के अंतर्गत आने वाले सात-सात वार्डों में जाकर नागरिकों के घरों से अनुपयोगी वस्तुओं का संग्रह करेंगे। बाद में इन वस्तुओं को मरम्मत अथवा पुनः उपयोग योग्य बनाकर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाएगा।आरआरआर सेंटरों में महिलाओं के सशक्तिकरण को भी विशेष महत्व दिया गया है। यहां सिलाई मशीनों की व्यवस्था की गई है, जिससे महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार के अवसर हासिल कर सकें। केंद्रों का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जाएगा। केंद्रों में बर्तन बैंक, झोला बैंक तथा कपड़े, जूते-चप्पल, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री, पुराने बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुओं के पृथक संग्रह की व्यवस्था की गई है। इससे नागरिक आसानी से अपनी अनुपयोगी सामग्री जमा कर सकेंगे।

महापौर मीनल चौबे ने कहा कि आरआरआर मॉडल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसके माध्यम से कचरे को कम करने, वस्तुओं के पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जाता है। इससे लैंडफिल में जाने वाले कचरे की मात्रा घटती है, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होता है और सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूती मिलती है। उन्होंने बताया कि जो वस्तुएं पुनः उपयोग योग्य नहीं होतीं, उन्हें स्व-सहायता समूहों की महिलाएं पुनर्चक्रित कर झोले, थैले और अन्य उपयोगी उत्पादों में बदलेंगी। शेष अपशिष्ट को अधिकृत रिसाइक्लिंग एवं प्रोसेसिंग इकाइयों तक भेजा जाएगा।

महापौर ने आगामी विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर शहरवासियों से अपील की कि वे अपने घरों में उपयोग में न आने वाली वस्तुओं को आरआरआर सेंटर में जमा करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों का यह छोटा प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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