विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम गांवों की तस्वीर और तकदीर बदलेगा– प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल 

मनरेगा से बेहतर, अधिक प्रभावी और पारदर्शी है विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम– अमित चिमनानी

राजधानी से जनता तक/चरण सिंह क्षेत्रपाल 

गरियाबंद – प्रदेश के खाद्य मंत्री और गरियाबंद जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल ने आज जिला भाजपा कार्यालय में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 लाया गया है, जो देश के गांवों को विकसित बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

बघेल ने कहा कि यह अधिनियम किसानों, मजदूरों और गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने संसद में अपने पहले भाषण में ही स्पष्ट किया था कि उनकी सरकार गरीबों के नाम समर्पित रहेगी और उसी भावना के अनुरूप घर-घर बिजली, शौचालय, आवास और जनधन खाते जैसी ऐतिहासिक योजनाएँ लागू की गईं।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम मनरेगा योजना का उन्नत और अधिक प्रभावी रूप है और कई मायनों में इससे बेहतर है। मनरेगा में जहां 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं अब इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। इससे मजदूरों की आमदनी में स्वाभाविक रूप से बढ़ोतरी होगी।

प्रभारी मंत्री बघेल ने स्पष्ट किया कि मजदूरी भुगतान अब सात दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं होता है तो विलंबित भुगतान पर अतिरिक्त राशि मजदूर को दी जाएगी, जिसे मजदूरी पर ब्याज की तरह माना जा सकता है। इससे मजदूरों को न्याय मिलेगा और भुगतान में देरी जैसी पुरानी समस्याओं का समाधान होगा।

उन्होंने कहा कि खेती-किसानी के कार्यों को सुरक्षित रखने के लिए भी अधिनियम में महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य रोके जा सकेंगे, ताकि किसानों को पर्याप्त मजदूर उपलब्ध हों और कृषि गतिविधियाँ प्रभावित न हों। इससे ग्रामीण पलायन भी रुकेगा और कृषि उत्पादन को स्थिरता मिलेगी।

पत्रकारवार्ता में प्रदेश प्रवक्ता एवं जिला संगठन प्रभारी अमित चिमनानी ने बताया कि पहले मनरेगा में फर्जी मास्टर रोल, मशीनों के उपयोग और धांधली की शिकायतें मिलती थीं, जिन्हें यह नया अधिनियम स्वतः समाप्त करेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक मजदूरों को सीधे लाभ मिलेगा। यह अधिनियम ग्रामीण विकास में क्रांतिकारी परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम के अंतर्गत चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा—जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन। जल संरक्षण, नदी-नालों के सुधार, कटाव रोकने तथा सिंचाई संरचनाओं के विकास जैसे कार्य प्राथमिकता से कराए जाएंगे।

चिमनानी ने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास जैसी गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। ग्रामीण स्तर पर रोजगार एवं सतत आय के नए अवसर सृजित होंगे और पीएम गति शक्ति जैसी राष्ट्रीय योजनाओं को भी इससे बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम गांवों में टिकाऊ विकास, स्थायी रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय लिखेगा।

इस दौरान पत्रकारवार्ता में राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, राजिम विधायक रोहित साहू, जिला भाजपा अध्यक्ष अनिल चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, प्रदेश सह संयोजक सहकारिता प्रकोष्ठ मुरलीधर सिन्हा, जिला महामंत्री द्वय आशीष शर्मा, चंद्रशेखर साहू, कोषाध्यक्ष अजय रोहरा, जिला मंत्री सुरेंद्र सोनटेके, जिला प्रवक्ता राधेश्याम सोनवानी, सागर मयाणी भी मौजूद थे।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है

यह भी पढ़ें

[democracy id="1"]
February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  

टॉप स्टोरीज