खैरागढ़ । प्रदेश में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ एवं दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा संचालित 15 दिवसीय सघन अभियान “सही दवा, शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” के अंतर्गत जिले में व्यापक स्तर पर जांच एवं निरीक्षण कार्यवाही की जा रही है। यह अभियान 27 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसमें खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के साथ जिला स्तरीय राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा छोटे-बड़े ठेले, गुमटी, होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर यूनिट, मिठाई निर्माण इकाइयों, गन्ना जूस सेंटर तथा किराना दुकानों का निरीक्षण किया गया। वहीं औषधि प्रशासन टीम द्वारा मेडिकल स्टोर्स, अस्पतालों एवं फार्मेसी प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इसके अतिरिक्त पान, बीड़ी एवं सिगरेट विक्रेताओं पर कोटपा अधिनियम 2003 के तहत कार्रवाई भी की गई।
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों से विधिक एवं सर्विलांस खाद्य नमूने एकत्रित कर राज्य स्तरीय प्रयोगशाला परीक्षण हेतु भेजे गए। दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं नियम 2011 के तहत आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
अभियान के तहत 01 मई 2026 को बाजार अतरिया खैरागढ़ स्थित वर्मा बेकर्स से कालातीत माजा कोल्ड ड्रिंक की 11 बोतलें तथा वर्मा किराना स्टोर्स से कालातीत नमकीन एवं कुरकुरे के 03 पैकेट मौके पर नष्ट कराए गए। इसी प्रकार 06 मई 2026 को छुईखदान स्थित कृष्णा बेकर्स से कोकोनट वाटर की 14 बोतलें, 03 पैकेट कुरकुरे एवं 02 पैकेट टोस्ट नष्ट कराए गए। वहीं 08 मई 2026 को नर्मदा खैरागढ़ स्थित माँ नर्मदा डेली नीड्स से कालातीत टोस्ट के 11 पैकेट नष्ट कराए गए।
खाद्य विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए कि खाद्य पदार्थों में अखबारी कागज का उपयोग, अखाद्य रंगों का प्रयोग तथा निर्धारित मात्रा से अधिक रंग मिलाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। साथ ही सभी व्यापारियों को खाद्य पंजीयन एवं अनुज्ञप्ति अनिवार्य रूप से प्राप्त कर प्रतिष्ठान में प्रदर्शित करने, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र एवं पेस्ट कंट्रोल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में खाद्य पंजीयन एवं अनुज्ञप्ति नहीं पाए जाने पर संबंधित व्यापारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। इसके फलस्वरूप अब तक लगभग 50 आवेदन विभागीय कार्यालय में प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10 खाद्य पंजीयन तत्काल जारी किए जा चुके हैं तथा शेष आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय सीमा में किया जाएगा।
अभियान के दौरान आम नागरिकों एवं उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए अपील की गई कि खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता, निर्माण तिथि, बैच नंबर एवं अवसान तिथि की जांच अवश्य करें। किसी भी खाद्य अथवा औषधि संबंधी शिकायत मिलने पर तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
दिनांक 27 अप्रैल 2026 से अब तक खाद्य सुरक्षा शाखा द्वारा नमकीन, मिठाई (खोवा), चुस्की आदि के 14 सर्विलांस नमूने तथा पनीर एवं नमकीन के 04 विधिक नमूने संग्रहित कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसी प्रकार औषधि शाखा द्वारा लगभग 14 मेडिकल प्रतिष्ठानों में औषधि एवं कॉस्मेटिक के क्रय-विक्रय अभिलेखों की जांच की गई। साथ ही एक औषधि नमूना परीक्षण हेतु लिया गया। 08 फैंसी स्टोर्स में कॉस्मेटिक सामग्री के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। दो निजी अस्पतालों एवं उनकी फार्मेसी का भी निरीक्षण किया गया।
कोटपा अधिनियम 2003 के तहत सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों के विक्रय एवं भंडारण करते पाए जाने पर 13 विक्रेताओं पर कुल 1300 रुपये का मौके पर चालान अधिरोपित किया गया। जिले के समस्त वैक्सीन स्टोरेज, कोल्ड चेन इकाइयों एवं सिविल अस्पताल खैरागढ़ के औषधि भंडार का भी निरीक्षण किया गया।
संपूर्ण अभियान का संचालन कलेक्टर इन्द्रजीत चंद्रवाल के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सह उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन डॉ. आशीष शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। अभियान में अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पाण्डेय, खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक कुमार घृतलहरे, औषधि निरीक्षक नवीन कुमार बघेल, सहायक ग्रेड-03 सतीश कुमार यादव सहित पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीम सक्रिय रूप से शामिल रही।




