स्कूल भवन की हालत खस्ता, बारिश के कारण टपकती खपरैल छत हुई धराशाई….

जिले में दम तोड़ती शिक्षा व्यवस्था, जिम्मेदार सरकार के पैसा का पलीता लगाने में लगे।
क्या सत्ता परिवर्तन के बाद भी खौफ के साए में नौनिहाल, जर्जर भवन में बच्चे पढ़ने को मजबूर….
मोहन प्रताप सिंह
राजधानी से जनता तक. सुरजपुर/ओडगी:– जिले के अंतर्गत आने वाले विकासखड़ अंतर्गत शिक्षा की क्या स्तर है और क्या व्यवस्था है किसी से भी छिपी हुई नहीं है जहां ग्रामीण इलाकों में शिक्षा व्यवस्था तो मानो बद से बत्तर हो गई है। समय-समय पर ऐसी तस्वीरें सामने आती रहती हैं, जिसे देखकर लगता है कि ऐसी हालत में नौनिहाल अच्छी शिक्षा कैसे हासिल कर पाएंगे? जो इस हाल सूरजपुर जिले के लगभग लगभग सभी विकासखंडो का है जिसके अंतर्गत कुछ ऐसा ही हाल विकासखंड ओडगी का है जिसके अंतर्गत प्राथमिक शाला रैसरी का भवन आज रात गिर गया जिसमे स्कूल का रखा बेंच लगभग 50 नग टूट गया। ये घटना रात्रि मे होने के करण कोई जनहानि नहीं हुआ अगर शाला समय में घटना घटित होता तो जनहानि होने की संभावना थी जिसमें  कितने बच्चों के साथ अनहोनी हो सकता था कोई भी अंदाजा लगा सकता था। प्राथमिक शाल रैसरी में बच्चों की संख्या 78 दर्ज हैं। बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है ना ही समान रखने का वही जर्ज़र भवन की जानकारी पहले ही विकासखंड स्रोत के माध्यम से दिया गया था लेकिन उनके द्वारा ध्यान देना जरूरी नहीं समझा गया वही शाला भवन में जो समान छत्तिग्रस्त हुआ उसका मूल्य लगभग 1 लाख रूपए बताया जा रहा है।
डर के साये में पढ़ रहे नौनिहाल
स्कूली शिक्षा सुविधा को लेकर बड़ी-बड़ी बातें की जाती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी जर्जर भवनों में कई स्कूल संचालित हो रही है. वहीं एक ओर सरकार संपूर्ण सुविधाओं से लैस स्कूल बना रही है तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र की स्कूलों में बच्चे डर के साये में पढ़ रहे हैं। 
लगभग 55 वर्षो से संचालित हो रहा था स्कूल
ग्राम पंचायत के सरपंच उमेश पैकरा के द्वारा बताया जा रहा है कि रैसरी प्राथमिक शाला भवन 1969 में बना था तब से खपरैल स्कूल भवन में कक्षा पहली से पांचवी तक की में कक्षा संचालित था लेकिन भवन की मरम्मत नहीं होने के कारण खपरैल स्कूल काफी जर्जर हो गई। किसी प्रकार की दुर्घटना न हो इसे ध्यान में रखकर पिछले साल की खपरैल स्कूल को बंद कर पास के ही छोटे दो अतिरिक्त कक्ष में स्कूल का संचालन किया जा रहा है। इससे पूर्व भी स्कूल भवन की मरम्मत करने कई बार मांग की गई परंतु मरम्मत नहीं हो सकी। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण बीती रात खपरैल स्कूल भवन की छत भरभरा कर गिर गई। छत के गिर जाने से कक्ष में रखा 50 टेबल, कुर्सी सहित अन्य सामान खराब हो गए। टेबल कुर्सी सहित अन्य सामान को अपने संरक्षण में रखा गया है।
स्कूल मरम्मत कराने कई बार किया गया था अवगत – विजय पैकरा
विजय पैकरा प्रधान पाठक के द्वारा बताया गया कि वर्षों पुरानी प्राथमिक शाला के खपरैल स्कूल भवन काफी जर्जर हो चुकी है। स्कूल मरम्मत कराने को लेकर अधिकारियों को कई बार अवगत करा चुके है परंतु आज तक मरम्मत नहीं हो सकी। जब खपरैल छल गिरी तो बीआरसी मौके पर जांच करने पहुंचे थे। मरम्मत के लिए लाख की स्वीकृति दिलवाने की बात कही ताकि छत पर सीट लगाकर काम चला सके।
चुनाव पूर्व अतिरिक्त भवन की हुई थी अविकृति जिसका कोई पता नहीं – सरपंच
उमेश पैकरा, सरपंच रेसरी के द्वारा बताया गया कि चुनाव से पहले एक अतिरिक्त भवन की स्वीकृति हुई थी पर उसका कोई पता ही नही है इन दो अतिरिक्त भवन में पढ़ाई संभव नहीं है जब तक कोई और भवन न मिले।
खपरैल स्कूल में संचालित नहीं हो रही है स्कूल ही – बीईओ
राजीव सिंह बीईओ के द्वारा बताया गया कि खपरैल स्कूल भवन में क्लास नहीं लगा रहा वही मरम्मत का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा साथ ही नए शाला भवन के लिए मै प्रस्ताव भी भेज रहा हूं।

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