जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा – जिले के कोर्रा गांव के माहरापारा क्षेत्र में एक अज्ञात महिला द्वारा नवजात शिशु को जन्म देकर खेत के पास जंगल में छोड़ देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। देर रात खेत की ओर शिकार के लिए गए गांव के कुछ युवकों ने रोते हुए नवजात शिशु को देखा। भयभीत होकर युवकों ने तुरंत गांव लौटकर मितानिन दीदी एवं शैलेन्द्र कश्यप को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलते ही गांव की महिलाएं और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नवजात शिशु को सुरक्षित उठाकर घर लाए। इसके बाद तत्काल जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुंजाम को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही महेश कुंजाम ने जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को फोन कर तुरंत एम्बुलेंस भेजकर शिशु को जिला अस्पताल लाने के निर्देश दिए।
मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुंजाम स्वयं रात करीब 12 बजे सुकमा से कोर्रा के माहरापारा पहुंचे। उन्होंने शिशु की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल एम्बुलेंस मंगवाई तथा गांव की मितानिन दीदियों एवं कोर्रा स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ को बुलाकर नवजात को रात लगभग 2 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
बताया गया कि नवजात शिशु रात भर खेत और जंगल में तड़पता हुआ रोता रहा, जहां उसे चींटियों ने भी काटा। समय रहते गांव की महिलाओं द्वारा शिशु को सुरक्षित उठा लेने से उसकी जान बच सकी। फिलहाल जिला अस्पताल में नवजात का उपचार जारी है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
घटना से क्षेत्र में संवेदना के साथ-साथ आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अज्ञात महिला की पहचान कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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