एक्सपोज़र विज़िट बनी बदलाव की राह: बिहान समूह की महिलाओं को मिले स्वरोजगार के नए आयाम

गाँव की पगडंडी से उद्यमिता तक: महिलाओं की प्रेरक यात्रा

महिलाएँ सीख रहीं आधुनिक आजीविका मॉडल, एक्सपोज़र विज़िट से बदली सोच

जिला प्रमुख नवीन दांदडें

सुकमा – कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से 7 फरवरी से 12 फरवरी तक 9 किसान महिलाओं का एक्सपोज़र विज़िट कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक आजीविका मॉडल, मूल्य संवर्धन एवं उद्यमिता के नवीन अवसरों से परिचित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना था।

इस विज़िट का नेतृत्व पीपीआईए फेलो सुश्री अर्कजा कुठियाला ने किया। दल में कोंटा विकासखंड के मुंडापल्ली ग्राम की सात महिलाएं — रिंकी, मासे, पूजा, सिंघे, दीपा, सोनी एवं पूजा तथा तोंगपाल से मनीषा और दास्से शामिल रहीं।

रायपुर में आजीविका मॉडलों का अध्ययन

विज़िट के प्रथम चरण में महिलाएं रायपुर पहुंचीं, जहां सेरीखेड़ी स्थित कम्युनिटी मैनेज्ड ट्रेनिंग सेंटर (सीएमटीसी) का भ्रमण किया गया। यहां स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित एकीकृत बकरी एवं पोल्ट्री फार्म, बेकरी यूनिट, मशरूम उत्पादन इकाई तथा आरओ वाटर प्लांट जैसी सफल आजीविका पहलों का अवलोकन कराया गया। इसके अलावा दल ने नंदनवन जू, जंगल सफारी, बोटिंग, मैग्नेटो मॉल एवं राम मंदिर का भ्रमण किया। डीएफओ रायपुर के सहयोग से अत्यधिक भीड़ के बावजूद महिलाओं को सफारी का विशेष अनुभव प्राप्त हुआ।

जशपुर में महुआ आधारित नवाचारों से परिचय

विज़िट के अगले चरण में दल जशपुर पहुंचा, जहां महुआ के वैज्ञानिक एवं फूड-ग्रेड संग्रहण की पद्धति का अवलोकन किया गया। नेट के माध्यम से संग्रहण एवं धूल-रहित सुखाने की तकनीक ने महिलाओं को विशेष रूप से प्रभावित किया। मंथन फूड लैब एवं महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में महुआ से निर्मित विविध मूल्यवर्धित उत्पादों की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त कार्पेट निर्माण उद्यम, मशीन संचालित ढेकी एवं सोलर टनल ड्रायर जैसे नवाचारों का भी अवलोकन कराया गया।

यह अनुभव महिलाओं को महुआ के पोषण, आय-वृद्धि एवं उद्यमिता से जुड़े व्यापक अवसरों से परिचित कराने वाला रहा, जो भविष्य में सुकमा जिले में वैकल्पिक आजीविका के नए द्वार खोल सकता है।

कोटानपानी मॉडल से मिली प्रेरणा

दल ने जशपुर जिले के कोटानपानी का भी दौरा किया, जहां स्वयं सहायता समूह की महिलाएं छिंद पत्तों एवं कांस घास से टोकरी एवं आभूषण निर्माण कर रही हैं। समूह द्वारा छह वर्षों में 30 लाख रुपये से अधिक का संचयी टर्नओवर अर्जित करना सुकमा की महिलाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आत्मविश्वास में वृद्धि

रायपुर एवं जशपुर में आयोजित संवाद सत्रों के दौरान सुकमा की महिलाओं ने गोंडी गीत एवं नृत्य प्रस्तुत कर अपनी सांस्कृतिक पहचान साझा की। इससे यह यात्रा केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम न रहकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम भी बन गई। वापसी के दौरान रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय का भ्रमण भी कराया गया।

12 फरवरी को दल सकुशल सुकमा लौट आया। यह एक्सपोज़र विज़िट प्रतिभागी महिलाओं के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं आत्मविश्वास बढ़ाने वाला सिद्ध हुआ।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है

यह भी पढ़ें

[democracy id="1"]
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

टॉप स्टोरीज