रायपुर। कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक परेशानियों के बीच जीवन बिताने वाली बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत पौंड़ी, जनपद पंचायत मस्तूरी की सीमा वर्मा आज अपने साहस, मेहनत और नई तकनीक को अपनाने की लगन से सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने जीवन की दिशा बदली, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। गांव में आज ड्रोन दीदी कहलाती हैं।
वर्ष 2014 में सीमा वर्मा ने जय मां गायत्री स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी नई यात्रा की शुरुआत की। शुरुआत में उन्होंने समूह के साथ बचत और छोटे-छोटे कार्यों के माध्यम से आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया। ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार के अवसर मिले और उन्होंने पैरा मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू किया। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने इस कार्य को आगे बढ़ाया, जिससे उन्हें नियमित आय मिलने लगी।
कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा ने सीमा को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बाद शासन की सहायता से उन्हें ड्रोन सेट, जनरेटर और ई-वाहन उपलब्ध कराया गया। इसके बाद उन्होंने किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक का छिड़काव करना शुरू किया। आज सीमा वर्मा ड्रोन तकनीक के माध्यम से किसानों की खेती को आसान बना रही हैं और सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। गांव में लोग उन्हें अब स्नेहपूर्वक ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से पुकारते हैं।
सीमा वर्मा की यह प्रेरक यात्रा साबित करती है कि सही अवसर, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी अपने हौसले के दम पर नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। ‘बिहान’ योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी और उनके सपनों को नई उड़ान प्रदान की।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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