जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा – कभी नक्सल गतिविधियों के कारण भय और अनिश्चितता के माहौल में जीने वाला कोंटा विकासखंड का जगरगुंडा गांव अब धीरे-धीरे विकास और आत्मनिर्भरता की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का असर अब इस दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के रूप में दिखाई दे रहा है। ग्राम जगरगुंडा की निवासी श्रीमती राधा इसका एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई हैं।
आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राधा ने छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक से 25 हजार रुपये का ऋण लिया। इस राशि का उपयोग उन्होंने घरेलू आवश्यकताओं और छोटे कार्यों को आगे बढ़ाने में किया। खास बात यह है कि वे महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली 1000 रुपये की राशि से नियमित रूप से अपने ऋण की किस्त जमा कर रही हैं, जो उनकी जिम्मेदारी और आर्थिक अनुशासन को दर्शाता है।
इसके साथ ही नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत संचालित सेवा एक्सप्रेस के माध्यम से राधा स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं, जिससे उन्हें आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं। समूह से जुड़कर वे आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं और परिवार की आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर रही हैं।
राधा बताती हैं कि शासन की योजनाओं से उनके जीवन में आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे अपने परिवार के भविष्य को लेकर पहले से अधिक आश्वस्त हैं। महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में शुरू की गई महतारी वंदन योजना के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार भी व्यक्त किया।
जगरगुंडा जैसे दूरस्थ और कभी नक्सल प्रभावित रहे गांव में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सरकारी योजनाओं का असर इस बात का प्रमाण है कि विकास की रोशनी अब समाज के अंतिम छोर तक पहुंचने लगी है। ग्रामीणों के जीवन में आ रहा यह सकारात्मक परिवर्तन क्षेत्र में नई उम्मीद और विश्वास की कहानी लिख रहा है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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