6400 मरीजों को मिला निःशुल्क उपचार, 3700 ग्रामीणों को घर से लाकर कराया गया इलाज
जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी सोच और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील नेतृत्व में सुकमा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। 28 एवं 29 मार्च को आयोजित जिलास्तरीय “मेगा सुपरस्पेशलिटी हेल्थ कैंप” ने दूरस्थ वनांचल के हजारों जरूरतमंदों को न केवल इलाज दिया, बल्कि उनके जीवन में नई उम्मीद भी जगाई।

यह आयोजन केवल एक स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि “सरकार आपके द्वार” की अवधारणा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया, जहां जंगलों और पहाड़ों में बसे लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा स्वयं पहुंची।
6400 लोगों को मिला स्वास्थ्य लाभ
दो दिनों तक चले इस विशाल कैंप में कुल 6,400 मरीजों ने उपचार प्राप्त किया। पहले दिन 4,700 और दूसरे दिन 1,700 मरीजों ने विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लेकर इलाज कराया।
शिविर में हृदय, हड्डी, स्त्री रोग, किडनी, कैंसर, बाल रोग एवं श्वास रोग सहित कई गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सेवाएं दीं।
दूरस्थ क्षेत्रों से 3700 ग्रामीणों को लाकर कराया इलाज
इस कैंप की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि प्रशासन ने नक्सल प्रभावित दूरस्थ गांवों में रहने वाले 3,700 से अधिक ग्रामीणों को बस और एम्बुलेंस के माध्यम से शिविर स्थल तक पहुंचाया।
इलाज के बाद उन्हें सुरक्षित घर भी पहुंचाया गया—यह दिखाता है कि प्रशासन का लक्ष्य केवल आयोजन नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद तक सेवा पहुंचाना था।
31 काउंटर और 40 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
मिनी स्टेडियम में मरीजों की सुविधा के लिए 31 काउंटर बनाए गए थे, जहां सुव्यवस्थित तरीके से जांच और परामर्श हुआ।
करीब 40 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने सेवाएं दीं, जिनमें बैंगलोर मेडिकल कॉलेज, मैसूर मेडिकल कॉलेज और मणिपाल मेडिकल कॉलेज के अनुभवी चिकित्सक शामिल रहे।
प्रभारी मंत्री ने किया शुभारंभ, अधिकारियों ने जाना हाल
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने किया।
समापन के दौरान कलेक्टर अमित कुमार, एसपी किरण चव्हाण और जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने स्वयं मरीजों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
ग्रामीणों ने जताया आभार
पोलमपल्ली निवासी भारती यादव सहित कई ग्रामीणों ने कहा कि सुकमा जैसे दूरस्थ क्षेत्र में इस स्तर की चिकित्सा सुविधा मिलना किसी वरदान से कम नहीं है।
मुफ्त जांच, परामर्श और दवाइयों ने गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी।
पूरी तरह निःशुल्क सेवाएं – गरीबों के लिए राहत
इस मेगा हेल्थ कैंप में जांच, विशेषज्ञ परामर्श और दवा वितरण पूरी तरह निःशुल्क रहा।
इससे उन लोगों को विशेष लाभ मिला जो आर्थिक कारणों से बड़े अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते थे।
सम्मान के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के सफल संचालन में एनटीआर चैरिटेबल ट्रस्ट का विशेष योगदान रहा।
समापन अवसर पर सभी डॉक्टरों को मोमेंटो और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
यह मेगा सुपरस्पेशलिटी हेल्थ कैंप साबित करता है कि जब सरकार की नीयत और प्रशासन की प्रतिबद्धता मजबूत हो, तो दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी बदलाव संभव है।
सुकमा में आयोजित यह शिविर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई शुरुआत और आमजन के विश्वास की मजबूत नींव बनकर उभरा है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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