धमतरी में समर्थन मूल्य चना खरीदी ने पकड़ी रफ्तार

रायपुर, 27 अप्रैल 2026 / प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) 2018 में शुरू की गई एक प्रमुख सरकारी योजना है। इसका उद्देश्य दलहन, तिलहन किसानों को उनकी उपज का लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करना है। यह योजना मूल्य अस्थिरता को कम कर किसानों की आय की रक्षा करती है। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत छत्तीसगढ के धमतरी जिले में चना खरीदी का कार्य अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है। राज्य में सर्वाधिक चना उत्पादक जिले के रूप में अपनी धाक जमा चुके धमतरी में, अब उपार्जन केंद्रों पर किसानों की चहल-पहल और भी बढ़ गई है।

धमतरी मॉडल बना चर्चा का विषय
जिले की 76 हजार क्विंटल की शानदार उपलब्धि के बाद, कृषि विभाग अब शेष 24 हजार क्विंटल के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मिशन मोड पर है। राज्य स्तरीय कृषि अधिकारियों का मानना है कि धमतरी जिले द्वारा अपनाई गई पारदर्शी पंजीकरण और त्वरित भुगतान की प्रणाली (DBT) अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है। प्रशासन की सक्रियता से किसानों को प्राथमिकता मिल रही है। जिले के 11 खरीदी केंद्रों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।

कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों पर नोडल अधिकारियों की तैनाती बढ़ा दी है, ताकि तौल से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया में कहीं कोई बाधा न आए। इसके साथ ही उन्होंने परिवहन में तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। खरीदी गई उपज को जल्द से जल्द गोदामों तक पहुँचाने के लिए परिवहन की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है, जिससे केंद्रों पर किसानों को अपनी बारी का इंतजार न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उपज लेकर आने वाले किसी भी किसान को निराश होकर न लौटना पड़े।

किसानों में संतुष्टि का भाव

उपार्जन केंद्रों पर मौजूद किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर त्वरित भुगतान मिलने से उन्हें रबी की कटाई के बाद के खर्चों को संभालने में बहुत मदद मिल रही है। समय पर मिल रहे इस आर्थिक संबल के कारण किसानों का रुझान अब अन्य फसलों की तुलना में दलहन उत्पादन की ओर अधिक बढ़ रहा है। यह योजना न केवल किसानों को सही दाम दिलाती है, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को भी नियंत्रित करती है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले कुछ दिनों में शेष लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी संसाधन झोंक दिए जाएंगे। प्रशासनिक स्तर पर किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने संबंधित उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों से संपर्क बनाए रखें ताकि खरीदी प्रक्रिया सुगमता से संपन्न हो सके।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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