*शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं, नगर पंचायत पर उठे सवाल*
छुईखदान। नगर पंचायत छुईखदान का प्रमुख बस स्टैंड इन दिनों अव्यवस्था, गंदगी और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए करीब 20 से 22 वर्ष पहले समाजसेवी स्वर्गीय राजकुमार जैन द्वारा बनवाया गया शीतल पेयजल प्याऊ घर आज उपेक्षा का शिकार बन चुका है। कभी यात्रियों की प्यास बुझाने वाला यह प्याऊ घर अब अतिक्रमण और गंदगी के बीच अपनी पहचान खोता नजर आ रहा है।
बस स्टैंड परिसर में स्थित यह प्याऊ घर गर्मी के दिनों में यात्रियों के लिए बड़ी राहत हुआ करता था। दूर-दराज से आने वाले यात्री, बस का इंतजार कर रहे लोग, स्थानीय नागरिक और दुकानदार यहां ठंडा एवं स्वच्छ पानी पीकर राहत महसूस करते थे। लेकिन समय के साथ व्यवस्था बदहाल होती गई और अब यह सुविधा केवल नाममात्र रह गई है।
*अतिक्रमण ने छीनी सुविधा*
प्याऊ घर के चारों ओर फल और अन्य अस्थायी दुकानों का कब्जा हो गया है। दुकानों और फैली गंदगी के कारण यात्रियों के लिए पानी तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे वातावरण दूषित हो रहा है और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड जैसी सार्वजनिक जगह पर जहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, वहां अव्यवस्था और अतिक्रमण ने जगह बना ली है। लोग प्यासे बस का इंतजार करने को मजबूर हैं या फिर बाहर से पानी खरीदने पर विवश हो रहे हैं।
*प्रशासन की अनदेखी पर सवाल*
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का आरोप है कि नगर पंचायत प्रशासन द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। कई बार शिकायतों के बावजूद अतिक्रमण हटाने, सफाई कराने और प्याऊ घर को व्यवस्थित करने के प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं।
*गर्मी में बढ़ी परेशानी*
गर्मी का मौसम शुरू होते ही पेयजल की जरूरत और बढ़ गई है। ऐसे समय में प्याऊ घर का बंद या अव्यवस्थित होना यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। विशेष रूप से बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
*लोगों ने रखी सुधार की मांग*
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बस स्टैंड परिसर से अतिक्रमण हटाकर प्याऊ घर को फिर से व्यवस्थित किया जाए। साथ ही नियमित सफाई, शुद्ध पानी की उपलब्धता और रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जाए ताकि यात्रियों को फिर से इस सुविधा का लाभ मिल सके।
*क्या कहते हैं लोग :-*
चिंटू महोबिया, व्यापारी, बस स्टैंड छुईखदान “प्याऊ घर तो दिखाई ही नहीं देता। चारों तरफ गंदगी फैली हुई है, इसलिए लोग इसका उपयोग नहीं कर पाते।”
किशन सिलोटिया, व्यापारी, बस स्टैंड छुईखदान“अगर प्याऊ घर की व्यवस्था ठीक रहती तो बस स्टैंड आने-जाने वाले सभी लोग इसका उपयोग करते।”
सीएमओ से संपर्क नहीं हो सका “नगर पंचायत कार्यालय पहुंचने पर सीएमओ का कक्ष बंद मिला। कर्मचारियों ने बताया कि वे बैठक में गए हैं। लगातार फोन लगाने के बावजूद संपर्क नहीं हो सका।




