*फायर ब्रिगेड के अभाव में बड़ा नुकसान : छुईखदान में स्थायी फायर ब्रिगेड की मांग तेज*
*दीनदयाल यदु/जिला ब्यूरो चीफ*
छुईखदान । खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान अंतर्गत ग्राम पंचायत बुढ़ानभाट में हुई भीषण आगजनी की घटना ने एक गरीब परिवार की पूरी जिंदगी तबाह कर दी। 06 मई की शाम लगभग 6 बजे कमलेश चंदेल के घर में अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरा आशियाना राख के ढेर में तब्दील हो गया।
*अनाज, कपड़े सहित नगदी भी हुई खाक*
इस दर्दनाक हादसे में घर में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर, नगदी, जरूरी दस्तावेज और वर्षों की मेहनत से जुटाया गया सामान जलकर खाक हो गया। जिस घर को परिवार ने खून-पसीने की कमाई से बनाया था, आज वहां सिर्फ राख और टूटी उम्मीदें बची हैं।
सबसे दुखद पहलू यह है कि घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार को अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस राहत नहीं मिल सकी है। बेघर हुआ परिवार गांव के सार्वजनिक मंच में शरण लेने को मजबूर है, जहां छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग बिना पर्याप्त भोजन और मूलभूत सुविधाओं के रात गुजार रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित हैं, जबकि पीड़ित परिवार वास्तविक सहायता के लिए दर-दर भटक रहा है। लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आपदा की इस घड़ी में भी संवेदनशीलता दिखाई नहीं दे रही।
ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल राहत राशि, स्थायी आवास, राशन सामग्री, कपड़े और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। लोगों का कहना है कि गरीब परिवार के लिए घर जल जाना सिर्फ संपत्ति का नुकसान नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी उजड़ जाने जैसा होता है।
*छुईखदान में स्थायी फायर ब्रिगेड की मांग तेज*
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण मांग जोर पकड़ने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि छुईखदान विकासखंड में स्थायी फायर ब्रिगेड व्यवस्था नहीं होने के कारण आगजनी की घटनाओं में समय पर राहत नहीं मिल पाती। दमकल वाहन दूरस्थ स्थानों से पहुंचता है और तब तक भारी नुकसान हो चुका होता है।
लोगों ने शासन से मांग की है कि छुईखदान मुख्यालय में तत्काल स्थायी फायर ब्रिगेड केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी गरीब परिवार का आशियाना आग की भेंट न चढ़े। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर फायर ब्रिगेड पहुंच जाती, तो शायद कमलेश चंदेल का घर और उनका सामान बचाया जा सकता था।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द राहत और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो पीड़ित परिवार के सामने भूख, बीमारी और बेघर होने का संकट और गहरा जाएगा।
अब पूरा क्षेत्र इस उम्मीद में है कि शासन-प्रशासन इस दर्दनाक घटना से सबक लेते हुए न केवल पीड़ित परिवार को न्याय और सहायता देगा, बल्कि छुईखदान क्षेत्र को फायर ब्रिगेड जैसी मूलभूत सुरक्षा सुविधा भी उपलब्ध कराएगा, ताकि भविष्य में किसी गरीब का संसार यूं आग की लपटों में न उजड़े।




